Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 1, 2026
in विश्व
A A
Himalaya
19
SHARES
648
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। नेपाल के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से की जाने वाली माउंटेन रेस्क्यू जान बचाने वाली सबसे बड़ी व्यवस्था है। जहां ऑक्सीजन की कमी और अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन आम हैं। वहां संकट में फंसे पर्वतारोहियों को तेजी से निकाला जाता है, और सुरक्षित जगह पहुंचाया जाता है। लेकिन इसी व्यवस्था का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर एक खेल खेला जाता है, वह है आपदा में कमाई का खेल। फर्जी इमरजेंसी का नाटक रचकर हेलीकॉप्टर बुलाना, अस्पताल में भर्ती कराना और भारी भरकम बीमा क्लेम दायर करना… इस स्कैम का मुख्य तरीका है। यह खेल वर्षों से चल रहा है और जांच के बावजूद अभी भी जारी है।

दरअसल, काठमांडू पोस्ट ने सबसे पहले वर्ष 2018 में इस घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसके बाद सरकार ने जांच समिति गठित की, जिसने 700 पृष्ठों की रिपोर्ट तैयार कर सुधारों की सिफारिश की। फरवरी 2019 में भी विस्तृत खोजी रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। पिछले साल नेपाल पुलिस के केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (CIB) ने मामले को दोबारा खोला और पाया कि धोखाधड़ी न केवल जारी है, बल्कि बढ़ती जा रही है।

इन्हें भी पढ़े

india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
india-china

तिब्बत को चीन बना रहा सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार, क्या है ‘ट्विन स्ट्रैटजी’ जिसने बढ़ाई भारत की टेंशन?

August 7, 2026
trump

ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ़ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने संघीय सरकार के खिलाफ़ दायर किया मुक़दमा

August 4, 2026
iran-us ceasefire

ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है! US स्टेट डिपार्मेंट ने कहा- वहां से तुरंत निकलो

August 2, 2026
Load More

कैसे होता है खेल?
सीआईबी की जांच के अनुसार, फर्जी रैकेट की कार्यप्रणाली सरल लेकिन चालाक है। ट्रेकिंग गाइड या होटल स्टाफ पर्यटकों को ऊंचाई की बीमारी (एएमएस) के हल्के लक्षण दिखाकर डराते हैं। साधारण सिरदर्द, झुनझुनी या कम ऑक्सीजन स्तर को जानलेवा बताकर तुरंत हेलीकॉप्टर बुलाने का दबाव बनाया जाता है। कुछ मामलों में पर्यटकों को डायमॉक्स (एसिटाजोलामाइड) की अधिक मात्रा में गोलियां या भोजन में बेकिंग पाउडर मिलाकर जानबूझकर अस्वस्थ किया जाता है, ताकि बचाव को उचित ठहराया जा सके।

इतना ही नहीं, एक ही हेलीकॉप्टर से कई पर्यटकों को लाया जाता है, लेकिन प्रत्येक के लिए अलग-अलग बीमा कंपनी को पूरा चार्टर शुल्क का बिल भेज दिया जाता है। इसके बाद फर्जी फ्लाइट मैनिफेस्ट, मेडिकल रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी तैयार किए जाते हैं। अस्पतालों में वरिष्ठ डॉक्टरों के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर जाली दस्तावेज बनाए जाते हैं। एक मामले में श्रीधी अस्पताल के स्टाफ ने अपनी पुरानी एक्स-रे रिपोर्ट को विदेशी पर्यटक के नाम से पेश किया।

इसके बाद कमीशन का खेल शुरू होता है। अस्पताल बीमा राशि का 20-25 प्रतिशत ट्रेकिंग कंपनियों और 20-25 प्रतिशत हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को रेफरल कमीशन के रूप में देते हैं। कुछ पर्यटकों को नकद राशि देकर साजिश में शामिल किया जाता है।

एक नजर आंकड़ों पर
जांच में 2022 से 2025 तक 4,782 विदेशी मरीजों की पहचान की गई, जिनमें 171 मामले फर्जी बचाव के पुष्टि हुए। इन गतिविधियों से जुड़े अस्पतालों को भारी रकम मिली। एरा इंटरनेशनल अस्पताल को 15.87 मिलियन डॉलर से अधिक, जबकि श्रीधी इंटरनेशनल अस्पताल को 1.22 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि प्राप्त हुई।

माउंटेन रेस्क्यू सर्विस ने 1,248 उड़ानों में से 171 फर्जी बचाव किए और लगभग 10.31 मिलियन डॉलर के क्लेम किए। नेपाल चार्टर सर्विस ने 471 उड़ानों में 75 फर्जी मामले दर्ज किए और 8.2 मिलियन डॉलर क्लेम किए। एवरेस्ट एक्सपीरियंस एंड असिस्टेंस 601 उड़ानों में 71 संदिग्ध मामलों से जुड़ा, जिसका कुल क्लेम 11.04 मिलियन डॉलर था।

एक चौंकाने वाले मामले में एक हेलीकॉप्टर और टीम ने चार पर्यटकों को एक साथ बचाया, लेकिन बीमा कंपनियों को अलग-अलग बचाव बताकर 31,100 डॉलर का बचाव बिल और 11,890 डॉलर का अस्पताल बिल क्लेम किया गया। श्रीधी अस्पताल के डॉक्टर गिरवान राज तिमिलसिना ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने नेपाल चार्टर सर्विस को 91 लाख रुपये, हेली ऑन कॉल को 15 लाख और ट्रेकिंग ऑपरेटरों को 15 लाख रुपये कमीशन दिए।

विदेश पर्यटकों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
हालांकि सभी विदेशी ट्रेकर्स धोखाधड़ी के शिकार नहीं हैं। कुछ व्हाट्सएप चैट्स से पता चला कि कुछ पर्यटक स्वेच्छा से इस साजिश में शामिल होते हैं। वहीं, कुछ पर्यटकों ने शिकायत भी की है। जर्मन ट्रेकर पेट्रा होमेन्स ने रबिंद्र अधिकारी से दो बार शुल्क लिए जाने की शिकायत की। दो कनाडाई पर्यटकों ने 2025 में सीआईबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें ऑक्सीजन स्तर 50-51 प्रतिशत बताकर अनावश्यक सीटी स्कैन और आईसीयू भर्ती का आरोप लगाया गया।

सुधार की सिफारिश लेकिन…
बता दें कि 2018 की रिपोर्ट के बाद जांच समिति ने हेलीकॉप्टर कंपनियों, अस्पतालों और ट्रेकिंग एजेंसियों को अनिवार्य रिपोर्टिंग, बिचौलियों को खत्म करने तथा टूर ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की थी। लेकिन ये सुधार लागू नहीं हो सके। सीआईबी प्रमुख मनोज कुमार ने केसी काठमांडु पोस्ट से कहा कि कानूनी कार्रवाई में ढिलाई से घोटाला पनपा। वर्तमान जांच 26 सितंबर 2025 को देशभक्त जेन जेड समूह की शिकायत पर शुरू हुई। बीमा दावों का सत्यापन मुश्किल है क्योंकि हिमालय में संचार कमजोर होता है और निकासी से पहले बीमा कंपनी से संपर्क नहीं हो पाता। विदेशी कंपनियां स्थानीय एजेंसियों पर निर्भर रहती हैं, जो खुद घोटाले के नेटवर्क में शामिल हो सकती हैं।

मार्च में सीआईबी ने 9 लोगों को किया गिरफ्तार
मार्च 2026 में सीआईबी ने 32 व्यक्तियों पर राज्य विरोधी अपराध और संगठित अपराध का आरोप लगाया। नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी फरार हैं। आरोपियों में माउंटेन हेलीकॉप्टर्स, मनांग एयर (अब बेसकैंप हेलीकॉप्टर्स) और एल्टीट्यूड एयर के अधिकारी तथा स्वाकॉन, श्रीधी और एरा अस्पतालों के डॉक्टर व प्रशासक शामिल हैं। बताया गया कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, जिसमें गंभीर बीमार बताए गए पर्यटक अस्पताल के बजाय कैफे में बीयर पीते दिख रहे हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि स्कैम का यह खेल कैसे खेला जा रहा है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
PM Modi

बड़ा मंच, तीन विषय और उत्तराखंड को बड़ी शाबासी!

January 29, 2025
Mathura Vrindavan Municipal Corporation

असमय हुई बरसात ने खोली नगर निगम मथुरा वृंदावन की पोल!

May 2, 2025
Republic Day

गणतंत्र शब्द हमें अपने कर्तव्य या उत्तरदायित्व

January 27, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ‘थैंक्यू रेखा दीदी’: दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए जताया CM का आभार!
  • दिल्ली के सरकारी अस्पताल अब खुद करेंगे दवाओं और मेडिकल सामान की खरीद
  • नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.