नई दिल्ली : सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को दिल्ली पुलिस अब क्रैश बताएगी। सड़कों पर वर्ष 2021 में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में कुल 4,720 क्रैश की घटनाएं हुईं। इनमें 1239 लोगों की जान चली गई।
2020 की तुलना में सड़क हादसों में होने वाली मौत की प्रतिशतता में 3.6 फीसदी, जबकि घटनाओं में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सड़कों पर हुए क्रैश में अलग-अलग वाहनों की चपेट में आने से सर्वाधिक (40.7) फीसदी मौतें पैदल चलने वालों की हुई। इसके बाद दोपहिया वाहन चालकों की क्रैश में मौतें हुईं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी दिल्ली क्रैश रिपोर्ट-2021 में सड़कों पर हुए क्रैश और इसके परिणाम का ब्योरा जारी किया है।
पूरे साल के दौरान सर्वाधिक मौत (रोड क्रैश)पश्चिमी दिल्ली में हुई। 2021 में पश्चिमी दिल्ली में कुल 648 सड़क हादसे हुए। इसके बाद उत्तर पश्चिम (580), दक्षिण पूर्व (533) जबकि बाहरी जिलों में (488) क्रैश हुए हैं। इस दौरान नई दिल्ली में न्यूनतम 136 जबकि मध्य दिल्ली में 200 घटनाएं हुई हैं। उत्तरी दिल्ली में 407, दक्षिण दिल्ली में 394 जबकि पूर्वी दिल्ली में 387 क्रैश की घटनाएं हुईं।
10 बेहद खतरनाक सड़कों पर ,2021 में हुई मौत का आंकड़ा
आउटर रिंग रोड 95
रिंग रोड 85
रोहतक रोड 46
जीटी करनाल रोड 44
नजफगढ़ रोड 8
एनएच-8 26
वजीराबाद रोड 21
जीटी रोड 21
बवाना रोड 21
एनएच-24 15
रोकी जाने वाली घटनाएं क्रैश हैं, दुर्घटना नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन सड़क पर होने वाली मौत की पहचान रोकथाम के लायक स्वास्थ्य महामारी के तौर पर देखता है। सड़क पर होने वाली घटनाओं को लोग कैसे देखते हैं और बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, ऐसी घटनाओं के लिए बेहद अहम हैं। ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी दुर्घटना शब्द को संयोग से होने वाली घटना के तौर पर परिभाषित करती है। बगैर किसी स्पष्ट कारण या जानबूझकर के उठाए गए कदम को दुर्भाग्य से होने वाली घटना नहीं कहा जा सकता।
सड़क पर वाहनों की वजह से होने वाली घटनाओं में चोट लगाने या मौत को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। यह संयोग नहीं है, उन्हें पहचाना और रोका जा सकता है। ऐसी घटनाओं को दुर्घटना कहने से आम जन का समर्थन कमजोर पड़ सकता है। सड़कों पर होने वाले क्रैश को रोका जा सकता है। मसलन, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को बचाने के लिए चेक पॉइंट, स्पीड कैमरा, कम स्पीड, हेलमेट पहनने जैसे उपायों से बचाव संभव है।
राल्फ एट अल के एक अध्ययन में लेखकों ने संकेत दिए हैँ कि एक कार दुर्घटना को एक्सिडेंट कहा जाना एक और चूक है। चूंकि ऐसी घटनाओं के लिए कई बार खुद चालक जिम्मेवार होता है। संयोगवश नहीं है, क्योंकि कारणों पर रोक लगातार स्वास्थ्य को नुकसान से बचाया जा सकता है। क्रैश के दौरान सभी कारणों और घटना के दौरान सभी पहलुओं पर गौर किया जाना चाहिए।







