कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा लगातार खबरों में बनी हुई है. इस यात्रा के वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. हालांकि इस बार यात्रा से जुड़ी एक फोटो भी इंटरनेट पर शेयर की जा रही है जिसे देखना कांग्रेस कभी पसंद नहीं करेगी. दरअसल कांग्रेस से भारत जोड़ो यात्रा के 14वें दिन एक बड़ी चूक हो गई.इस यात्रा के एक पोस्टर पर आजादी के संघर्ष के नायकों में विनायद दामोदर सावरकर का चित्र भी शामिल था.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह पोस्टर एर्नाकुलम में लगाया गया था. सोशल मीडिया पर जब यह पोस्टर शेयर किया जाने लगा तो कांग्रेस को अपनी गलती का एहसास हुआ और जल्द ही इस पोस्टर में सावरकर की तस्वीर को महात्मा गांधी की तस्वीर से ढक दिया गया.
Oops! It seems all attempts by Rahul to obfuscate history did not work! Veer Savarkar against whom Rahul has been spewing lies was exposed when his #BharatJodo Yatra in Aluva, Ernakulam
carried posters of Veer Savarkar !Later on they tried to cover it up ! Savarkar Zindabad pic.twitter.com/XpZAHHcGzE
— Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) September 21, 2022
बीजेपी नेताओं ने साधा निशाना
हालांकि तब तक देर हो चुकी थी और कई बीजेपी नेताओं ने इस पोस्टर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘राहुल जी, आप कितनी भी कोशिश कर लें…इतिहास और सच्चाई सामने आ ही जाती है. सावरकर वीर थे! छुपाने वाले “कायर” हैं.’
वहीं बीजेपी के आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट किया, ‘वीर सावरकर की तस्वीरें एर्नाकुलम (हवाई अड्डे के पास) में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को सुशोभित करती हुईं. हालांकि देर से, लेकिन राहुल गांधी के लिए अच्छा बोध, जिनके परदादा नेहरू ने एक दया याचिका पर हस्ताक्षर कर अंग्रेजों से उन्हें पंजाब की नाभा जेल से केवल 2 सप्ताह में ही बाहर जाने देने की अनुमति देने का अनुरोध किया था.’
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनाते ने अमित मालवीय को जवाब देते हुए ट्वीट किया, ‘अरे फेक न्यूज बेचने वाले, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नेहरू ने करीब 10 साल जेल में बिताए, याद कीजिए तब आप अंग्रेजों के लिए जासूसी कर रहे थे और सॉरी कह रहे थे. इस बीच बुलबुल के पंखों पर उड़ने वाले सावरकर का आनंद लें!’
सावरकर को लेकर कांग्रेस बीजेपी की अलग-अलग राय
बता दें सावरकर को लेकर कांग्रेस और बीजेपी की अलग-अलग राय रही है. बीजेपी जहां उन्हें एक महान स्वतंत्रता सेनानी मानती है तो वहीं कांग्रेस उनकी आजादी के आंदोलन में योगदान पर सवाल खड़े करती है. कांग्रेस का कहना है कि अंग्रजों से माफी मांगने वाला शख्स स्वतंत्रता सेनानी नहीं हो सकता है. पिछले कुछ समय से सावरकर को लेकर कांग्रेस और बीजेपी अक्सर आमने-सामने आ गई हैं.







