नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को सरकारी खर्च पर राजनीतिक विज्ञापनों को प्रकाशित करवाने मामले में गुरुवार को सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) ने 163.62 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर दिया. एलजी वीके सक्सेना के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है. इस मामले में अब राजनीति तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई पर बीजेपी और एलजी पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. वहीं बीजेपी ने भी पलटवार करते हुए AAP पर सरकारी खजाना लूटने का आरोप लगाया है.
दिल्ली में अफ़सरों पर असंवैधानिक नियंत्रण का नाजायज़ इस्तेमाल देखिए –
बीजेपी ने दिल्ली सरकार की सूचना विभाग सचिव ऐलिस वाज़ (IAS) से नोटिस दिलवाया है कि 2017 से दिल्ली से बाहर राज्यों में दिये गए विज्ञापनों का खर्चा मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी से वसूला जाएगा. (1/2) https://t.co/PCtNyxCzEA
— Manish Sisodia (@msisodia) January 12, 2023
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी ने पिछले सात साल से दिल्ली सरकार के अफसरों पर केंद्र सरकार के माध्यम से असंवैधानिक नियंत्रण कर रखा है. वह इस अवैध नियंत्रण के जरिए अपने राजनीति लाभ के लिए लगातार दुरुपयोग करती रही है. इसका एक उदाहरण हमें कल (बुधवार) एक नोटिस के रूप में मिला है. यह नोटिस दिल्ली सूचना विभाग की सचिव आईएएस ऐलिस वाज ने सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम जारी किया है.
इस नोटिस में लिखा है कि 2016-2017 से दिल्ली सरकार ने राज्य के बाहर जो विज्ञापन दिए थे, उनकी वसूली अरविंद से की जाएगी. यह 163.62 करोड़ रुपये की वसूली है. इतना ही नहीं सचिव ने सीएम को कानूनी रूप से धमकी दी है कि अगर अपने 10 दिन के भीतर यह भुगतान नहीं किया तो आप के खिलाफ कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
क्या योगी को नोटिस जारी कर बीजेपी करेगी वसूली
उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्ली के अफसरों का सीएम के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है. चुनी हुई सरकार के मंत्रियों को टार्गेट कर रही है. बीजेपी दिल्ली के अफसरों को काम नहीं करने दे रही है. अफसर जनता के काम करती है, तो वह उन्हें रुकवा देती है, इसीलिए बीजेपी दिल्ली सरकार के सर्विस डिपार्टमेंट पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठी है.







