एमपीसी ने कमोडिटी की ऊंची कीमतों सहित कुछ दूसरे रिस्क के बारे में बताया है, जिसके चलते इनफ्लेशन हाई बना हुआ है।
इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है। इसके साथ ही बॉन्ड बाजार का मूड बदल रहा है। 8 फरवरी को RBI ने रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया। इसके बाद एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि इंटरेस्ट रेट साइकिल अपनी पीक पर पहुंच गई है। रेपो रेट 25 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा था। इसका मकसद इनफ्लेशन को काबू में करना है। RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने बताया है कि पिछले कुछ समय से रिटेल इनफ्लेशन में कमी आ रही है। हालांकि, एमपीसी ने कमोडिटी की ऊंची कीमतों सहित कुछ दूसरे रिस्क के बारे में बताया है, जिसके चलते इनफ्लेशन हाई बना हुआ है।
रिटेल इनफ्लेशन 5.3 फीसदी रहने का अनुमान
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “मानसून सामान्य रहने के अनुमान के आधार अगले फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में सीपीआई इनफ्लेश 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में यह 5 फीसदी, दूसरी तिमाही में 5.4 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.4 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.6 फीसदी रहने का अनुमान है।”







