नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फ्लैट पर कब्जा लेने के बाद भी लोग बिल्डर की ओर से तमाम सुविधाओं के संबंध में किए वादे के बारे में दावा करने का अधिकार नहीं खोते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कई बार फ्लैट ऑनर्स परिस्थितियों की वजह से कब्जा ले लेते हैं, इस दौरान कई बार बिल्डर की ओर से किए वायदे पूरे नहीं होते हैं। ऐसे में बिल्डर कब्जा देने के बाद भी अपने वादों से पीछे नहीं हट सकता। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस रवींद्र भट्ट की अगुवाई वाली पीठ कोलकाता के एक मामले में नेशनल कंज्यूमर फोरम के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए नेशनल कंज्यूमर फोरम को भेज दिया। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने फ्लैट मालिकों की ओर से मुआवजे के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने फ्लैट का कब्जा ले लिया है।
वादे तो पूरा करने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कंज्यूमर फोरम द्वारा अर्जी खारिज करने की आलोचना करते हुए कहा कि हम इस बात को समझ पाने में विफल रहे हैं कि कंज्यूमर फोरम ने किस हिसाब से यह फैसला दिया। फ्लैट ओनर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की गई कि बिल्डर ने कंप्लीशन प्रमाण पत्र और खेलने की जगह नहीं दी। इसके साथ ही कम्युनिटी हॉल कम ऑफिस, पानी की आपूर्ति, बागवानी, जेनरेटर सेट, जिम आदि का वादा भी किया था लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया।







