Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

कौन हैं पर्दे के पीछे कांग्रेस के लिए रणनीति बनाने वाले ये 5 नेता?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 7, 2023
in राज्य, विशेष
A A
26
SHARES
866
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

अविनीश मिश्रा  : कर्नाटक चुनाव का प्रचार अभियान अब समाप्ति की ओर है. अब तक आए अधिकांश सर्वे में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया गया है. राज्य में वर्तमान में बीएस बोम्मई की नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है.सत्ता विरोधी लहर बनाने का श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार और नेता प्रतिपक्ष सिद्धारमैया को दिया जा रहा है. कांग्रेस के भीतर दोनों को मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी माना जा रहा है. कांग्रेस अगर कर्नाटक की सत्ता में आती है तो दक्षिण का पहला राज्य होगा, जहां स्वयं की बदौलत पार्टी सरकार बनाने में सफल होगी. 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस ने 223 उम्मीदवार उतारे हैं.

2018 में कांग्रेस कर्नाटक में दूसरी बड़ी पार्टी थी और जेडीएस के साथ सत्ता में आई थी. 2019 में ऑपरेशन लोटस की वजह से कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर गई थी. बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई थी. सत्ता में वापसी को बेताब कांग्रेस ने कई स्तर पर रणनीति तैयार कर रही है. बेंगलुरु के वार रूम से इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है. इस स्टोरी में पर्दे के पीछे कांग्रेस के लिए काम कर रहे 5 नेताओं की कहानी जानते हैं…

इन्हें भी पढ़े

Kejriwal and Sisodia

रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?

February 27, 2026
Kejriwal and Sisodia

राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फैसला: केजरीवाल और सिसोदिया आरोप मुक्त, सीबीआई जांच पर टिप्पणी

February 27, 2026
AAP MP exposes

आप सांसद ने पंजाब में रेत खनन घोटाले का किया खुलासा: भाजपा ने समयबद्ध CBI जांच की मांग की

February 24, 2026
CIL Director Vinay Ranjan

सीआईएल निदेशक विनय रंजन ने किया वेकोलि का दौरा

February 24, 2026
Load More

शशिकांत सेंथिल- पूर्व आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के वार रूम प्रभारी हैं. सेंथिल कर्नाटक कैडर के 2009 बैच के अधिकारी थे. 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था.

इस्तीफा के वक्त सेंथिल दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त थे. 2020 में उन्होंने तमिलनाडु में प्रदेश प्रभारी दिनेश गुंडू राव के सामने कांग्रेस की सदस्यता ली थी. जुलाई 2022 में कांग्रेस ने सेंथिल को कर्नाटक चुनाव में वार रूम प्रभारी घोषित किया था. कांग्रेस का यह वार रूम रणनीति बनाने के साथ ही समन्वय का काम भी करती है. वार रूम से एक-एक सीट पर चल रहे प्रचार अभियान का जायजा लिया जाता है और इसकी फीडबैक रिपोर्ट बड़े नेताओं को सौंपी जाती है.

कर्नाटक कांग्रेस के वार रूम में फैक्ट चेक करने वाले लोगों को भी तैनात किया गया है, जिससे बीजेपी नेताओं के बयान और भाषणों को तुरंत काउंटर किया जा सके. साथ ही वार रूम में एक हेल्पलाइन भी बनाया गया है, जिससे फील्ड में तैनात उम्मीदवारों की समस्याओं को तुरंत हल किया जा सके.

44 वर्षीय सेंथिल मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं. कांग्रेस में शामिल होने वक्त सेंथिल ने पत्रकारों को बताया था कि बीजेपी कर्नाटक में हिंदुत्व के नाम पर लोगों को बांट रही थी, इसलिए मैंने आईएएस की नौकरी छोड़ दी. वार रूम में सेंथिल के सहयोग के लिए कांग्रेस ने सूरज हेगड़े और मेहरोज खान को तैनात किया है. हेगड़े कर्नाटक कांग्रेस में उपाध्यक्ष और मेहरोज महासचिव पद पर तैनात हैं.

जी परमेश्वर- कर्नाटक में चुनाव लड़ रही कांग्रेस का मेनिफेस्टो अभी सबसे अधिक सुर्खियां बटोर रही है. 62 पन्ने के मेनिफेस्टो में हिंदूवादी संगठन बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कही गई है. बजरंग दल पर बैन लगाने के साथ ही राहुल की 5 गारंटी भी खूब लोकप्रियता बटोर रही है. यह भी मेनिफेस्टो का हिस्सा है. कर्नाटक कांग्रेस का मेनिफेस्टो सीनियर नेता जी परमेश्वर के नेतृत्व में तैयार हुआ है.

सियासी सुर्खियों से दूर रहने वाले जी परमेश्वर कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम रह चुके हैं. कृषि विज्ञान से पीएचडी करने वाले परमेश्वर 1989 में पहली बार विधायक बने. 1992 में वीरप्पा मोइली की सरकार में उन्हें कीट-रेशम विभाग का मंत्री बनाया गया. 1999 में एसएम कृष्णा की सरकार में उनकी पदोन्नति हुई और उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री बनाए गए.

2015 में सिद्धारमैया की सरकार में परमेश्वर को गृह जैसा महत्वपूर्ण विभाग मिला. 2018 में कांग्रेस अकेले दम पर सत्ता में नहीं आ पाई तो जेडीएस के साथ समझौता कर लिया. समझौते के तहत कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने और परमेश्वर उपमुख्यमंत्री. कर्नाटक में इस बार परमेश्वर और उनकी टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए भी मेनिफेस्टो तैयार किया है. मसलन, तटीय कर्नाटक के विकास के लिए कांग्रेस ने इस बार 10 सूत्रीय एजेंडा तैयार किया है. पार्टी के इस कदम से माना जा रहा है कि तटीय इलाकों में कांग्रेस को जबरदस्त फायदा मिल सकता है.

एमबी पाटील- कांग्रेस में लिंगायत समुदाय के कद्दावर नेता मल्लनगौड़ा बसनगौड़ा पाटील (एमबी पाटील) कैंपेन कमेटी के चेयरमैन हैं. कर्नाटक में कांग्रेस के धारधार चुनावी कैंपेन के पीछे एमबी पाटील की रणनीति काम कर रही है. हाल ही में पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए. सियासी गलियारों में कहा जा रहा है कि शेट्टार से निगोसिएशन का काम पाटील ने ही किया था और उन्हें कांग्रेस में लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.

कांग्रेस इस बार डोर टू डोर कैंपेन, जनसभा और रोड-शो पर विशेष फोकस कर रही है. प्रियंका और राहुल गांधी का रोड-शो कराया जा रहा है. सालों बाद किसी चुनावी रैली में सोनिया गांधी की जनसभा भी कर्नाटक में कराई गई है. पाटील कर्नाटक सरकार में गृह, जल संसाधन जैसे अहम विभागों के मंत्री रहे हैं. वे 1998 से 1999 तक लोकसभा के सांसद भी रहे हैं. पाटील ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत 1991 में की थी.

कर्नाटक विधानसभा में 5 बार विधायक रहने वाले पाटील सिद्धारमैया और कुमारस्वामी सरकार में मंत्री रहे हैं. पार्टी के भीतर उन्हें सिद्धारमैया का करीबी भी माना जाता है. इसी वजह से कुमारस्वामी सरकार में उन्हें गृह जैसा महत्वपूर्ण विभाग मिला था. इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले एमबी पाटील को राजनीतिक विरासत में मिली है. उनके पिता बीएम पाटील कर्नाटक के बड़े राजनेता थे.

सुनील कानुगोलू- सुनील कानुगोलू अखिल भारतीय स्तर पर कांग्रेस के मुख्य रणनीतिकार हैं. कर्नाटक में कांग्रेस 2022 से ही कानुगोलू और उनकी टीम को तैनात कर रखा है. कानुगोलू की टीम सर्वे तैयार करने से लेकर कैंपेन, उम्मीदवारों का चयन और जीत की रणनीति तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभा रही है.

हाल ही में कांग्रेस ने कानुगोलू को मध्य प्रदेश का भी प्रभार सौंपा है. कानुगोलू डेटा का विश्लेषण कर राज्य की एक-एक सीट के लिए रणनीति तैयार करते हैं. चुनावी कैंपेन से लेकर मेनिफेस्टो तक में कानुगोलू का दखल माना जाता है. कानुगोलू बीजेपी और जेडीएस की रणनीति का काउंटर भी तैयार करते हैं, जिससे कर्नाटक का मुकाबला त्रिकोणीय न हो जाए. 40 साल के कानुगोलू मूल रूप से कर्नाटक के बेल्लारी जिले के रहने वाले हैं.

कर्नाटक के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि बीजेपी सरकार के रेट कार्ड, पे-सीएम, 40 प्रतिशत कमीशन जैसे अभियान के पीछे कानुगोलू का ही आईडिया है.अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई कर 2009 में कानुगोलू भारत लौटे थे. इसके कुछ साल बाद नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ गए. यहां पर प्रशांत किशोर की टीम सिटीजन फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) से जुड़े. किशोर के बीजेपी से संबंध तोड़ने के बाद भी कानुगोलू का संपर्क नरेंद्र मोदी के साथ बना रहा. उन्हें एसोसिएशन ऑफ ब्रिलियंट माइंड्स का प्रमुख बनाया गया, जो बीजेपी के लिए रणनीति तैयार करने का काम करती है.

कानुगोलू 2017 में बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश में चुनावी रणनीति तैयार की. रिजल्ट मुफीद रहा और कानुगोलू की खूब चर्चा हुई. इसके बाद कानुगोलू कई पार्टियों के साथ रणनीतिकार के तौर पर जुड़े.कानुगोलू पंजाब चुनाव 2022 में शिरोमणि अकाली दल के लिए रणनीति बना चुके हैं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 2022 में प्रशांत किशोर से बात नहीं बनने के बाद कांग्रेस ने कानुगोलू से संपर्क साधा. कानुगोलू कांग्रेस के 2024 टास्क फोर्स के मेंबर भी हैं. यह फोर्स 2024 चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने का काम करेगी.

रणदीप सिंह सुरजेवाला- 2020 में केसी वेणुगोपाल की जगह रणदीप सिंह सुरजेवाला को कांग्रेस ने कर्नाटक का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया था. कर्नाटक में सरकार जाने के बाद कांग्रेस के भीतर आंतरिक गुटबाजी चरम पर थी. सुरजेवाला ने पहले भारत जोड़ो यात्रा और फिर चुनाव में 2 बड़े गुट (सिद्धारमैया और शिवकुमार) को जोड़कर रखा है. टिकट बंटवारे में भी दोनों गुटों में कोई क्लेश नहीं हो पाया. सुरजेवाला वक्त-वक्त पर दोनों के साथ की तस्वीर शेयर कर एकजुटता का संदेश देते रहते हैं.

रणनीति तैयार करने के साथ ही सुरजेवाला बीजेपी पर सबसे अधिक हमलावर रहते हैं. कर्नाटक कांग्रेस के लिए मीडिया और सोशल मीडिया पर भी मोर्चा संभाले रहते हैं. चंडीगढ़ में जन्मे 55 साल के सुरजेवाला 1996 में पहली बार तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला को नरवाना सीट से चुनाव हरा दिया.

सुरजेवाला हरियाणा विधानसभा में 4 बार विधायक रहे हैं. 2022 में कांग्रेस ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा में भेजा. सुरजेवाला कांग्रेस मीडिया के प्रभारी भी रह चुके हैं. सुरजेवाला 2000-2005 तक युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वकालत की पढ़ाई कर चुके सुरजेवाला भूपिंद्र सिंह हुड्डा कैबिनेट में ऊर्जा और पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे हैं.

सी-वोटर के फाइनल सर्वे रिपोर्ट में क्या है?

एबीपी ने सी वोटर के साथ मिलकर कर्नाटक चुनाव में ओपिनियन पोल जारी किया है. 12 हफ्तों में 73,774 से बातचीत पर आधारित सर्वे में कहा गया है कि कर्नाटक के 50 फीसदी लोग राज्य सरकार के कामकाज को खराब मानते हैं. 33 फीसदी लोग केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज से भी संतुष्ट नहीं हैं. सर्वे में 42 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया को सबसे उपयुक्त माना. 31 फीसदी लोगों की पसंद बोम्मई और 21 फीसदी लोगों की पसंद एचडी कुमारस्वामी हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Arvind Kejriwal

क्या ED के समन से डर गए केजरीवाल?

November 3, 2023

मणिपुर पर चर्चा छिड़ी तो कांग्रेस भी होगी कठघरे में!

July 30, 2023
Shri Harsh Baweja

श्री हर्ष बवेजा ने आरईसी लिमिटेड के निदेशक (वित्त) का कार्य-भार ग्रहण किया

May 14, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?
  • इन कानूनी पचड़े में उलझी हुई है ‘हेरा फेरी 3’
  • घर खरीदते समय भूलकर भी मत करें ये 5 गलतियां, वरना बर्बाद हो जाएगा आपका पैसा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.