Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

आधुनिक सिग्नल सिस्टम के होते फिर ओडिशा में कैसे हो गई चूक?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 3, 2023
in राज्य
A A
odisha train accident
26
SHARES
866
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार रात भीषण रेल हादसा हो गया। हादसे की शिकार हुई ट्रेनों में एक मालगाड़ी के अलावा हावड़ा एक्सप्रेस और कोरोमंडल एक्सप्रेस शामिल थी। हादसे में कई लोगों की जान चली गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य चल रहा है। सेना को भी बचाव कार्यों में लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की टक्कर मालगाड़ी से हो गई। इसी वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया। अब सवाल यह उठता है कि आखिर दो ट्रेनें एक ही पटरी पर कैसे आ गईं? इसके पीछे मुख्य वजह क्या है? यहीं नहीं, रेलवे लगातार स्टेशनों और ट्रैक पर अत्याधुनिक सिग्नल सिस्टम लगा रहा है। फिर यह हादसा कैसे हो गया?

पहले जानें कैसे तीन ट्रेनें आपस में भिड़ गईं?

इन्हें भी पढ़े

CM Dhami

उत्तराखंड कैबिनेट ने अदाणी पावर को थर्मल प्लांट लगाने की मंजूरी दी, प्रदेश में मजबूत होगी बिजली आपूर्ति

August 25, 2026
Shivraj Singh Chouhan

हरिद्वार में संतों की बैठक में ‘चुनाव’ पर चर्चा, शिवराज सिंह ने बार-बार होने वाले चुनावों को विकास में बताया बाधा

August 25, 2026
tractor

ट्रैक्टर खरीदने पर 2.45 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें तरीका

August 25, 2026
cm samrat chaudhary

सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, BPSC के परीक्षा नियंत्रक को सस्पेंड करने का आदेश

August 24, 2026
Load More
  • पहला हादसा शुक्रवार शाम करीब 7.10 बजे बालासोर जिले के बहानागा बाजार स्टेशन के पास हुआ। इसमें बेंगलुरु से हावड़ा की ओर जा रही बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई और उसके दो डिब्बे दूसरी ट्रैक पर जा गिरे।
  • फिर हावड़ा की ओर से आ रही शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस उससे टकरा गई।
  • इस टक्कर में कोरोमंडल एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गईं और वह तीसरी ट्रैक पर खड़ी एक मालगाड़ी से भी जा भिड़ी।
  • टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। कोरोमंडल एक्सप्रेस की कई बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। हताहतों की संख्या बढ़ते जाने की वजह यही बताई जा रही है।

एक पटरी पर दो ट्रेन कैसे आ जाती हैं

रेलवे के जानकारों का कहना है कि इस हादसे के पीछे दो कारण नजर आ रहे हैं। पहला- मानवीय भूल और दूसरा- तकनीकी खराबी। इस हादसे के पीछे तकनीक में खराबी को अब तक बड़ी वजह माना जा रहा है। सिग्नल सिस्टम की खराबी की वजह से दो ट्रेनें एक ही पटरी पर आ गईं और उनमें टक्कर हो गई। दरअसल, ड्राइवर ट्रेन को कंट्रोल रूम के निर्देश पर चलाता है और कंट्रोल रूम से निर्देश पटरियों पर ट्रैफिक को देख कर दिया जाता है।

डिस्प्ले पर ट्रेन का सिग्नल सही नहीं दिखाई दिया

देश के हर रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम में एक बड़ी सी डिस्प्ले स्क्रीन लगी होती है, जिस पर दिख रहा होता है कि कौन सी पटरी पर कौन सी ट्रेन है और कौन सी पटरी खाली है। ये हरे और लाल रंग की लाइटों के माध्यम से दिखाया जाता है। जैसे अगर किसी पटरी पर कोई ट्रेन है या चल रही है तो वह लाल नजर आएगा और जो पटरी यानी रेलवे ट्रैक खाली है, वह हरा दिखाता है। इसी को देखकर कंट्रोल रूम से लोको पायलट को निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस बार जैसे हादसा हुआ, उसे देख कर लग रहा है कि डिस्पले पर ट्रेन का सिग्नल सही नहीं दिखाई दिया और इसकी वजह से इतने लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

रेलवे पर उठ रहे ये सवाल

रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य सुबोध जैन कहते हैं कि आज के दौर में कई प्रकार की नई तकनीक आ गई है। पहले के हादसों में ट्रेनों के कोच एक-दूसरे उपर चढ़ जाते थे, लेकिन अब नए एंटी क्लाइम्बिंग कोच ट्रेन में लगाए गए हैं। यह एलएचबी कोच एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते हैं। इसके बावजूद इस हादसे में इतने लोगों की मौत होना अपने आप में रेलवे के सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है। यह रेलवे का एक बहुत बड़ा ‘सिस्टमेटिक फेल्युअर’ है। आज रेलवे मंत्रालय सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहा है कि रेल मंत्री एक ट्रेन में सफर कर रहे हैं, जिसमें ड्राइवर नहीं है, लेकिन जैसे ही ट्रेन की स्पीड बढ़ती है तो कवच नामक सिस्टम ट्रेन की गति को कंट्रोल कर लेता है। आज हर बजट में कवच और ट्रेनों के सिस्टम, ट्रैक और सिग्नल सिस्टम सुधारने के लिए करोड़ों का बजट आवंटित किया जाता है। इसके बावजूद यह हादसे कैसे हो जाते हैं?

जैन कहते हैं कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि एक ट्रैक पर दो ट्रेनें कैसे आ सकती हैं? जब बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस हावड़ा की ओर जा रही थी, तभी इसके डिब्बे पटरी से उतर गए और बगल के ट्रैक पर पलट गए। इसी हादसे के बाद रेलवे के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पास के ट्रैक पर आ रही ट्रेन कोरोमंडल एक्सप्रेस को तत्काल कंट्रोल करना चाहिए था, लेकिन रेलवे के अफसरों ने यहां लापरवाही बरती। इसी वजह से ट्रेन ट्रैक पर पलटे बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के डिब्बों से टकरा गई। इस टकराव के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। बगल के ट्रैक में एक मालगाड़ी के डिब्बों से टकरा गए।

जैन ने बताया कि आज रेलवे में सारा सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक हो चुका है। जैसे ही गाड़ी पटरी पर आती है तो पॉइंट और सिंगल लॉक हो जाते हैं। स्टेशन मास्टर चाहने के बाद भी वह नई गाड़ी को सिग्नल नहीं दे सकता। किसी भी यात्री गाड़ी को स्टेशन पर आने से पहले पांच से तीन किलोमीटर पहले ही सिग्नल मिलना शुरू हो जाते हैं। फिर यहां ट्रेन कैसे आ गई? इससे सवाल उठा रहा है कि या तो सिग्नल सिस्टम फेल हो गया या फिर इसमें किसी ने कोई छेड़छाड़ की।

दूसरा सवाल है कि अगर सिग्नल सही था, तो ट्रेन के ड्राइवर ने सिग्नल को क्यों नहीं माना। लाल सिग्नल होने के बाद भी ट्रेन कैसे चलाई। इसी वजह से कोरोमंडल एक्सप्रेस का हादसा हुआ। जब ट्रेन के डिब्बे पटरी पर पलटे हैं, तो पास वाली लाइन में अवरोध आना स्वाभाविक है। ऐसे में स्टेशन के अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेते हुए वहां आने वाली ट्रेनों को रोकना चाहिए था। लेकिन रेलवे के अफसरों ने कोई कदम नहीं उठाया। यह हादसा उनकी लापरवाही का ही नतीजा है।

रेल मंत्री ने हादसे को लेकर कही ये बात

घटनास्थल पहुंचे रेल मंत्री ने कहा कि यह एक दर्दनाक हादसा है। रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार बचाव कार्यों में जुटी हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मुआवजे का कल एलान कर दिया गया था। हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। साथ ही रेलवे सेफ्टी कमिश्नर भी घटनास्थल का दौरा करेंगे और इस बात की जांच करेंगे की हादसे की वजह क्या रही।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
dalai lama

‘जीवित बुद्ध’ की परंपरा और दलाई लामा का उत्तराधिकारी, 700 वर्ष पुराने रिवाज में चीन का हस्तक्षेप!

July 3, 2025
India

भारत के संदर्भ में हमें गढ़ने होंगे अपने विमर्श

October 7, 2024
Democracy In India

खामियां तमाम लेकिन पश्चिम से कहीं आगे है भारत का लोकतंत्र

May 8, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • उत्तराखंड कैबिनेट ने अदाणी पावर को थर्मल प्लांट लगाने की मंजूरी दी, प्रदेश में मजबूत होगी बिजली आपूर्ति
  • मोदी कैबिनेट में आएंगे युवा चेहरे? इन राज्यों से बन सकते हैं नए मंत्री, क्या होंगे समीकरण
  • UN चीफ बोले- चीन-अमेरिका नहीं थोप सकते मनमानी, भारत का बढ़ रहा दबदबा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.