Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

प्‍लास्टिक प्रदूषण से हमें एक ही शक्ति बचा सकती है!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 5, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
plastic pollution
22
SHARES
745
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

पंकज शुक्‍ला
पत्रकार, लेखक


विश्‍व पर्यावरण दिवस पर दुनिया को प्‍लास्टिक के जंजाल से मुक्‍त करने की अपील की जा रही है. जब हम प्‍लास्टिक के इन खतरों की बात करते हैं तो कुछ आविष्‍कार याद आते हैं. जैसे वह एंजाइम जो सदियों में नष्‍ट होने वाले प्‍लास्टिक को चंद घंटों में खत्‍म कर सकता है. मगर यह तब भी प्‍लास्टिक के बेतहाशा उपयोग की छूट नहीं देता है क्‍योंकि हमारी लापरवाही बहुत भारी है.

इन्हें भी पढ़े

fasihuddin fitrat

डूरंड लाइन पर बढ़ा तनाव, कौन हैं फसीहुद्दीन फितरत, जिनके नाम की चर्चा तेज?

February 27, 2026
Swami Avimukteshwarananda

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

February 27, 2026
Kejriwal and Sisodia

रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?

February 27, 2026
pm modi

उद्योग जगत निवेश एवं नवाचार करे, बजट घोषणाओं का लाभ उठाए : PM मोदी

February 27, 2026
Load More

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्‍ट हो या हमारे रक्‍त का हिस्‍सा वह सर्वशक्तिमान ही होना चाहिए जो सर्वाधिक ऊंचाई और सबसे सूक्ष्‍म रूप में विद्यमान होगा. ऐसा ही सर्वशक्तिमान है प्‍लास्टिक जो दुनिया को संवार नहीं बल्कि खत्‍म कर रहा है. सर्वविनाशक साबित हो रहा है. और यही कारण है कि दैनिक उपयोग में सबसे बड़ा सहायक प्‍लास्टिक आज पर्यावरण और सेहत के लिए उतना ही बड़ा और व्‍यापक खतरा बन कर डरा रहा है. इसी घातक ताकत के कारण दुनिया ने आह्वान किया है कि सब मिलकर इस प्‍लास्टिक से पृथ्‍वी को बचाएं.

कितना आसान होता है, किसी पॉलीथिन, किसी प्‍लास्टिक के टुकड़े को गुड़ीमुड़ी कर झट से फेंक देना. कितना आसान होता है, कोल्‍ड ड्रिंक और पानी की बोतल, किसी पैकिंग का प्‍लास्टिक रैपर को यहां-वहां फेंक देना. यहां-वहां मतलब माउंट एवरेस्‍ट जैसे गगनचुंबी पहाड़ पर तो समुद्र की तलहटी जैसी गहराई पर. अपने आसपास भी, नदी और पहाड़ पर भी. खेत में, चलती ट्रेन से, जहां मन किया वहां. क्‍या आपने सोचा है, कि बड़े प्‍लास्टिक के कचरे को तो चलो कोई साफ कर भी देगा मगर बोतल के ढक्‍कन को बंद करने के लिए लगाई गई सील या उससे भी छोटे प्‍लास्टिक के टुकड़े को हम जो फेंक देते हैं, लापरवाही से, उसे कोई उठाने आने वाला नहीं है. वह तो जमीन में, पानी में, पहाड़ पर, खाई में, जंगल में पड़ा रहेगा, बरसों बरस और धरती को, इसके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता रहेगा. वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि इसी तरह चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब खेत में हल चला कर मिट्टी की पलटी करने पर पॉलीथिन भी निकला करेगा. यह तो साबित ही हो चुका है कि हमारे द्वारा फेंका गया प्‍लास्टिक का कूड़ा शहरों में सीवेज को जाम कर जलभराव का कारण बनता है.

यही कारण है कि गुजरात के अहमदाबाद में प्लास्टिक के साथ ही कागज के कप में चाय-काफी परोसने पर रोक लगा दी गई है क्‍योंकि वहां एक दिन में 20 लाख से ज्यादा प्लास्टिक और पेपर कप कचरे में फेंके जाते हैं. चंडीगढ़ में प्‍लास्टिक की तमाम तरह की पैकिंग पर भी रोक है. सरकार सिंगल यूज प्‍लास्टिक को प्रतिबंधित कर ही चुकी है. इसके बाद भी हालात क्‍या हैं, यह जानना बेहद जरूरी है.

हाल ही में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था इसमें बताया गया था कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवेरेस्ट असल में ‘कूड़े के पहाड़’ बन रहा है. बेस कैंप के पास सैकड़ों खाली पड़े फूड कंटेनर, ऑक्‍सीजन टैंक, रैपर बिखरे नजर आ रहे हैं. 29 मई 2023 को तेनजिंग नोर्गे और एडमंड हिलेरी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ को विजय किया था. इस घटना के सत्‍तर साल बाद आज उस चोटी पर कचरे का पहाड़ हमारी लापरवाही का सबूत है. पहाड़ पर चढ़ कर रिकार्ड अपने नाम करने वाले पर्वतारोह उस पहाड़ के पर्यावरण को लेकर बिल्कुल सतर्क नहीं हैं. नेशनल ज्योग्राफिक का अनुमान है हक एवरेस्ट पर जाने वाला हर पर्वतारोही लगभग आठ किलोग्राम कचरा पैदा करता है. इनमें फूड कंटेनर, टेंट और खाली ऑक्सीजन टैंक शामिल होते हैं. वे कचरा साथ नहीं लाते और इसकी सफाई के लिए सरकारों को अलग से पैसा खर्च करना पड़ता है. जबकि कितना बेहतर हो कि जो सामान ले जा रहा है वही कचरा अपने साथ लाए भी? लेकिन ऐसा होता कहां है?

चिंता का कारण यह कि सूक्ष्‍म रूप में प्‍लास्टिक ध्रुवों पर जलचर के रक्‍त में भी पहुंच चुका है. यह प्‍लास्टिक हमारे रक्‍त में भी है. यह समय उन चेतावनियों को याद करने का भी है जब शोध बताते हैं कि प्‍लास्टिक खाद्य सामग्री के साथ हमारे पेट में जा रहा है.

आज जब प्‍लास्टिक के समाधान की चिंता और आह्वान के साथ विश्‍व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है तो हमारे लिए यह जान लेना भी आवश्‍यक है कि दुनिया फिलहाल हर साल 35 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा फैला रही है. यह कचरा जैवविविधता, हमारी सेहत और खेती यानी हमारे आहार के लिए खतरा बन चुका है. जब हम प्‍लास्टिक के इन खतरों की बात करते हैं तो कुछ आविष्‍कार याद आते हैं. जैसे वह एंजाइम जो सदियों में नष्‍ट होने वाले प्‍लास्टिक को चंद घंटों में खत्‍म कर सकता है. मगर यह एंजाइम भी प्‍लास्टिक के बेतहाशा उपयोग की छूट नहीं देता है क्‍योंकि हमारी लापरवाही तब भी भारी है.

प्‍लास्टिक के इन्‍हीं खतरों को देखते हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम ने एक रोडमैप तैयार किया है. बीते सप्‍ताह जारी हुई यह रिपोर्ट 2040 तक दुनिया भर में प्लास्टिक प्रदूषण को 80 प्रतिशत तक कम करने का आह्वान करती है. इसमें कहा गया है कि सबसे पहले प्‍लास्टिक के कचरे का कम करना होगा. इसके लिए प्‍लास्टिक के फिर से उपयोग, रीसाइकल करना और उत्पादों में विविधता लाने के सुझाव दिए गए हैं. आकलन है कि फिर से उपयोग के प्‍लास्टिक को बढ़ावा देकर 2040 तक 30 प्रतिशत प्लास्टिक प्रदूषण को कम किया जा सकता है. प्लास्टिक रैपर, पाउच और पै‍क आइटम जैसे उत्पादों में प्‍लास्टिक के बदले अन्य सामग्रियों को अपनाने से प्लास्टिक प्रदूषण में 17 प्रतिशत की कमी लाई जा सकती है. चुनौती यह है कि यदि प्लास्टिक उत्पादन पर लगाम लगाने में पांच साल की देरी होती है तो 2040 तक 80 मिलियन मीट्रिक टन प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ सकता है.

इसी आह्वान के बीच ग्रीनपीस ने चेताया है कि रीसाइक्लिंग प्लास्टिक प्रदूषण का रामबाण इलाज नहीं है. इसपर हुआ अध्ययन बताता है कि रीसाइकिल करने से वास्तव में प्लास्टिक का जहरीलापन बढ़ जाता है. ‘फॉरएवर टॉक्सिक: द साइंस ऑन हेल्थ थ्रेट्स फ्रॉम प्लास्टिक रीसाइक्लिंग’ बताती है कि खतरे से निपटना है तो प्लास्टिक उत्पादन को सीमित और कम करने के ही प्रयास होने चाहिए. यह रिपोर्ट बताती है कि प्लास्टिक में 13,000 से अधिक केमिकल्स होते हैं जिनमें से 3,200 इंसानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं. रीसायकल प्लास्टिक में बहुत ज्यादा मात्रा में केमिकल होते हैं जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.

ये सभी रिपोर्ट हमें आगाह कर रही हैं कि प्‍लास्टिक के उपयोग को कम करने को लेकर हमने बड़े कदम नहीं उठाए तो 2060 तक प्लास्टिक उत्पादन तिगुना करना पड़ेगा और इतना प्‍लास्टिक कितना नुकसान पहुंचाएगा, समझा जा सकता है. हमें यह समझ लेना होगा कि फिलहाल ऐसी कोई शक्ति नहीं है जो प्‍लास्टिक को खत्‍म कर दे या उसके नुकसान से हमें बचा ले. यह ताकत हमारे पास ही हैं कि हम खुद अपनी सुरक्षा करें और प्‍लास्टिक के प्रति बेपरवाही का व्‍यवहार छोड़ें. ऐसे मनाएंगे तो पर्यावरण दिवस तो हमारी पृथ्‍वी और मन का पर्यावरण अच्‍छा बना रहेगा.


डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
sco summit

SCO Summit 2025: SCO सम्मेलन में भारत का सख्त रुख, चीन-पाक को करारा जवाब!

June 26, 2025

पुस्तक समीक्षा : रिपोर्टर ऑन द ग्राउंड, माइक पकड़ने से पहले कलम पकड़िए

August 16, 2025
LPG Gas

सवाड़ में गैस चोरी के गिरोह का पर्दाफाश, ग्रामीणों को लगाते थे चुना

February 5, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • डूरंड लाइन पर बढ़ा तनाव, कौन हैं फसीहुद्दीन फितरत, जिनके नाम की चर्चा तेज?
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
  • रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.