Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

हाई कोर्ट: न्यूड होने का मतलब हमेशा अश्लीलता नहीं

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 6, 2023
in राज्य, विशेष
A A
court
25
SHARES
844
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

केरल हाई कोर्ट ने एक महिला अधिकार कार्यकर्ता को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम से जुड़े केस में आरोप-मुक्त कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि नग्नता को अश्लीलता करार देना गलत है. दरअसल यह मामला महिला अधिकार कार्यकर्ता रेहाना फातिमा का है. फातिमा का एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ था जिसमें वह अपने दो नाबालिग बच्चों से अपने अर्ध-नग्न शरीर पर पेंटिंग करा रही थीं.

हाई कोर्ट ने क्या कहा

इन्हें भी पढ़े

CBI

रिश्वत मांगी तो CBI ने बिछाया जाल, BIS के साइंटिस्ट को किया गिरफ्तार

February 7, 2026
FIR

IPS अधिकारी पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, लगे हैं गंभीर आरोप

February 7, 2026
Godaan

CM धामी ने फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के निर्देश दिए

February 7, 2026
IES

इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) टास्कफोर्स ने वर्जन 0.3 स्ट्रेटेजी और आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंट्स जारी किए

February 7, 2026
Load More

हाई कोर्ट ने कहा कि नग्नता और अश्लीलता हमेशा पर्यायवाची नहीं होते हैं और याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए यौन मंशा एक आवश्यक घटक है. यहीं नहीं हाईकोर्ट ने खुली अदालत में वीडियो देखा और कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने वीडियो के नीचे एक विस्तृत संदेश दिया था, जहां उसने तर्क दिया कि नग्न शरीर एक नियंत्रित, यौन कुंठित समाज की प्रतिक्रिया स्वरूप था.

हाई कोर्ट ने कहा कि नग्नता को सेक्स के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए. रेहाना फातिमा ने निचली अदालत द्वारा उन्हें आरोप-मुक्त करने वाली याचिका खारिज किए जाने पर इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.

कोर्ट-महिला को अपने शरीर पर पूरा अधिकार

जस्टिस कौसर एदाप्पागथ ने कहा कि 33 साल की फातिमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी के लिए यह तय करना संभव नहीं है कि बच्चों का किसी भी रूप से यौन संतुष्टि के लिए इस्तेमाल हुआ हो. जस्टिस एदाप्पागथ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता का पितृसत्ता से जूझने का एक लंबा इतिहास रहा है और वह नैतिक पुलिसिंग के खिलाफ कोच्चि में एक आंदोलन का हिस्सा थीं.

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “हर माता-पिता अपने बच्चों को जीवन के बारे में सब कुछ सिखाने की पूरी कोशिश करते हैं. हर माता-पिता को अपने बच्चों को अपनी इच्छानुसार पालने का अधिकार है. बच्चे स्वाभाविक रूप से यह सोचकर बड़े नहीं होते हैं कि कोई भी कार्य सही या गलत है जब तक कि उनके मन पर ऐसी छाप ने पड़े.”

महिला अधिकारों के लिए काम करतीं हैं फातिमा

अभियोजन पक्ष ने अपनी दलील में इसे अश्लील और असभ्य बताया था. हाई कोर्ट ने कहा कि नग्नता को अनिवार्य रूप से अश्लील या असभ्य या अनैतिक करार देना गलत है. हाई कोर्ट ने कहा कि अपने शरीर के बारे में फैसला लेने का अधिकार महिलाओं की समानता और निजता के मौलिक अधिकार के मूल में हैं.

कोर्ट ने आगे कहा कि एक मां अपने शरीर को अपने बच्चों द्वारा कैनवास के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देती है, ताकि उन्हें नग्न शरीर को सामान्य रूप से देखने की अवधारणा के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके और वे उसे केवल यौन वस्तु से कहीं ज्यादा समझें, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. ऐसे कृत्य के बारे में यह नहीं कहा जा सकता कि यह यौन मंशा से किया गया है.

फातिमा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट किया था, जिस पर कई लोगों ने वीडियो को लेकर गुस्सा जाहिर किया था, लोगों का आरोप था कि फातिमा ने अपने बच्चों से अशलील कृत्य करवाया है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
health

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भारत दे रहा है विशेष ध्यान!

March 25, 2025
वीरभद्र सिंह

हिमाचल प्रदेश में राजपूतों के अलावा कोई और मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन पाता!

November 1, 2022

सरकारी नैरेटिव बनाम आम आदमी का मुद्दा

July 13, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • भारत-US ट्रेड डील पर शिवराज का विपक्ष को करारा जवाब, बोले- भारत का बाजार भारतीयों के लिए
  • रिश्वत मांगी तो CBI ने बिछाया जाल, BIS के साइंटिस्ट को किया गिरफ्तार
  • IPS अधिकारी पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, लगे हैं गंभीर आरोप

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.