नई दिल्ली. कुश्ती की दुनिया में योगेश्वर दत्त और बजरंग पूनिया की गुरु-चेले की जोड़ी ने मिलकर कमाल किया. दोनों ने पूरी दुनिया को पिछले कुछ सालों में दिखा दिया कि एक अच्छे शिष्य के लिए गुरु क्या कर सकता है तो एक शिष्य अपने गुरु के लिए क्या कर सकता है. फिर बात 2016 की हो या फिर 2020 ओलिंपिक की, ऐसे ना जाने कितने किस्से होंगे, जब पूरे देश को गुरु चेले की इस जोड़ी पर गर्व हुआ होगा. ना गुरु ने साथ छोड़ा और ना चेले ने अपने गुरु को सम्मान देने में कोई कमी छोड़ी.
एक-दूसरे पर सब कुछ लुटाने वाले योगेश्वर और बजरंग की जोड़ी अब टूटती हुई सी लग रही है. दोनों के बीच दंगल शुरू हो गया है. दोनों के बीच संग्राम छिड़ गया है. कभी एक दूसरे की तारीफ करने वाले आज एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते नहीं थक रहे. दोनों के बीच संग्राम क्यों छिड़ गया, ये पूरा मामला जानने से पहले ये जान लीजिए कि दोनों ने एक दूसरे के लिए क्या किया था.
पीछे हट गए थे बजरंग
बात 2016 की है. रियो ओलिंपिक सामने था. उसके लिए पहलवानों के ट्रायल्स हो रहे थे. बजरंग पूनिया, योगेश्वर दत्त सहित कई पहलवानों से देश को उम्मीद थी. बजरंग और योगेश्वर दोनों एक ही कैटेगरी में खेलते थे. ट्रायल्स में बजरंग पीछे हट गए. उनका कहना था कि ओलिंपिक टिकट के लिए वो योगेश्वर के खिलाफ नहीं लड़ना चाहते. बजरंग ने ओलिंपिक चैनल को कहा था कि वो कभी नहीं चाहते कि उनके और योगेश्वर के बीच कुछ भी आए. उनके इस कदम की हर तरफ तारीफ हुई थी.
बजरंग को बनाया स्टार
योगेश्वर भी बजरंग को स्टार बनाने में पीछे नहीं हटे. उन्होंने इसके बाद बजरंग को टोक्यो ओलिंपिक के लिए तैयार किया. 2008 से दोनों साथ में हैं. योगेश्वर ने बजरंग को हर जगह गाइड किया. अगर वो कहीं पर गलत होते तो योगेश्वर उन्हें सही रास्ता दिखाते. योगेश्वर की गाइडेंस में बजरंग ने कई मेडल जीते. जो जोड़ी अपने बीच कुछ भी आने देना नहीं चाहती थी, आज वो एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं. जिसकी वजह पहलवानों का धरना प्रदर्शन है.
एडहॉक कमिटी के फैसले से नाराज
दरअसल पिछले कुछ महीनों से बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित कई पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था. बीते दिनों कुश्ती संघ का काम देख रही एडहॉक कमिटी ने धरना देने वाले पहलवानों को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में छूट दी. जहां बाकी के पहलवानों को 4 से 5 मैच खेलने होंगे, वहीं इन पहलवानों को सिर्फ एक मैच खेलना होगा. योगेश्वर छूट के फैसले से काफी नाराज हैं.
बजरंग ने साबित करने के लिए कहा
योगेश्वर ने वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया कि धरना देने वाले पहलवानों का मकसद सिर्फ छूट लेना ही था. उनका कहना है कि इन पहलवानों ने कमिटी को लेटर लिखकर छूट देने के लिए कहा. योगेश्वर के बयान से बजरंग काफी नाराज हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर जहर फैलाने का काम किया है. बजरंग ने कहा कि अगर ये साबित हो जाता है कि उन्होंने छूट की मांग की थी तो वो कुश्ती छोड़ देंगे.






