पटना : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 13 जुलाई गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा मार्च के दौरान पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पुलिस प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की निंदा की है। साथ ही इस मार्च में विजय कुमार सिंह की हुई मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। बीजेपी अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति बनाई है। झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास को इस समिति का संयोजक बनाया गया है।
बता दें कि भाजपा के विधानसभा मार्च के दौरान गुरुवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता जख्मी हो गए। मार्च के दौरान भगदड़ में जहानाबाद के जिला भाजपा महामंत्री विजय कुमार सिंह छज्जू बाग में अचेत होकर गिर गए। उन्हें एंबुलेंस से पीएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लाठीचार्ज के दौरान सांसद जर्नादन सिंह सिग्रीवाल के सिर में चोट आयी, जबकि सांसद अशोक यादव भी घायल हो गए। पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह पर भी डंडे बरसाए गए। विधायक केदार गुप्ता सहित अन्य को भी गंभीर चोटें आईं। कई के हाथ तो कई के पैर टूट गए। घायल 21 नेता व कार्यकर्ताओं को पीएमसीएच व गार्डनर रोड अस्पताल ले जाया गया। इनमें तीन की हालत गंभीर है।
लाठीचार्ज में नहीं हुई बीजेपी कार्यकर्ता की मौत: एसएसपी
वहीं विधानसभा मार्च के दौरान हुई लाठीचार्ज और भाजपा कार्यकर्ता की मौत को लेकर एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा कि आयोजकों को विधानसभा मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे पर पुलिस कर्मियों पर मिर्ची झोंकने के साथ ही पथराव करने लगे थे। जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता की लाठीचार्ज में मौत की बात को सरासर गलत बताया। एसएसपी ने कहा कि जहानाबाद निवासी भाजपा कार्यकर्ता विजय सिंह की मौत लाठीचार्ज से नहीं हुई है।
जांच में पता चला कि डाकबंगला पर भगदड़ की जानकारी होने पर वे वहां गए ही नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज में विजय सिंह अपने दो साथियों के साथ छज्जूबाग की ओर अच्छी हालत में जाते दिख रहे हैं। इसी बीच लोगों ने उन्हें सीसीटीवी कैमरे से करीब 50 मीटर दूर ट्रांसफार्मर के समीप गिरा हुआ देखा। घटना के वक्त वहां ना तो कोई पुलिसकर्मी दिख रहा है और ना ही कोई भगदड़ मची थी। उनके शरीर पर चोट का कोई निशान भी नहीं पाया गया है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने 59 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिन्हें छोड़ दिया गया।







