शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए एक आला अफसर को चेताया है कि लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश न करें। शनिवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में विक्रमादित्य कहा कि उनके दिल में राज्य की अफसरशाही के लिए बहुत मान-सम्मान है। लेकिन वह कड़े शब्दों में कह देना चाहते हैं कि जिस तरीके से कुछ अधिकारी लक्ष्मण रेखा लांघने का कार्य कर रहे हैं, यह सहन नहीं होगा।
कहा कि कुछ विकास कार्यों के प्रपोजल शिमला में बनाए जाते हैं और परवाणू लांघते-लांगते व दिल्ली पहुंचते-पहुंचते बदल जाते हैं। हमारी चुनी हुई सरकार है और हमे जनता ने चुना है। ब्यूरोक्रेसी हमे डिक्टेट न करें कि कैसे काम करना है। विक्रमादित्य ने कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उठाया जाएगा। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। अगर कोई अफसर यह सोचता है कि जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबा देगा तो हम दबने वालों में से नहीं है।
भारतम सेतु परियोजना के तहत 300 करोड़ जल्द मिलेंगे
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतम सेतु परियोजना के तहत 300 करोड़ रुपये देने की भरोसा दिया है। इससे भारी बरसात, बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द यह राशि प्रदेश सरकार को उपलब्ध होगी। कहा कि इस बरसात में अभी तक लोक निर्माण विभाग को करीब दो हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।







