नई दिल्ली. दिल्ली वालों के लिए मेट्रो उनकी लाइफलाइन मानी जाती है. इन्हीं कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों के अंदर शहर का इतिहास भी दर्शाया गया है. उन्हीं में से एक ‘मंडी हाउस’ मेट्रो स्टेशन है. यह मेट्रो स्टेशन 2006 का बना हुआ है. मेट्रो स्टेशन में बैकलिट पैनलों पर मंडी हाउस का इतिहास, आसपास के स्मारकों और सांस्कृतिक इमारतों को दर्शाया गया है. मंडी हाउस इलाके से जुड़े हुए कुछ बड़े लोगों को भी पैनल पर दर्शाया गया है.
मंडी हाउस का इतिहास स्टेशन पर लगाए गए 37 फीट गुणा 6 फीट के एक पैनल पर दर्शाया गया है. इसमें ईंट भट्ठों से संस्कृति केंद्र तक की यात्रा को दर्शाया गया है. यहां इंस्टीट्यूशनल आर्चविस से प्राप्त किए गए डिजिटल प्रिंट्स, ओरिजिनल मैप्स, विंटेज फोटोस को भी दर्शाया गया है. ‘राजा सर जोगिंद्र सेन बहादुर’ जो कि मंडी के 18 वें राजा थे. उनकी तस्वीर को भी यहां पर दर्शाया गया है. 1970 की पुरानी दूरदर्शन की तस्वीर को भी यहां दर्शाया गया है. आजादी से पहले और अब की मंडी को भी यहां पर चित्रों द्वारा बताया गया है. जिसके बारे में काफी कुछ लिखा भी गया है. ‘हबीब रहमान’ के साथ ‘पंडित नेहरू’ की 1961 की तस्वीर भी देखने को मिलती है. नसीरुद्दीन शाह को 1973 में थिएटर करते हुए भी दिखाया गया है.
रेयर तस्वीरें हैं मौजूद
‘दादी पुदुमजी’ की तस्वीर, जिनके तहत श्री राम केंद्र ने पहला आधुनिक कठपुतली थिएटर स्थापित किया था, अमेरिकी वास्तुकार ‘जोसेफ एलन स्टीन’, जिन्होंने दिल्ली के कुछ प्रतिष्ठित उत्तर-औपनिवेशिक स्थलों जैसे आईआईसी और आईएचसी का निर्माण किया, वास्तुकार ‘हबीब रहमान’ और उनका बेशकीमती ‘रवींद्र भवन’, जो 1961 में बना था और 1959 के एन.एस.डी के संस्थापक ‘इब्राहिम अलकाज़ी’ को भी यहां दिखाया गया है.
यहां स्थित है मंडी मेट्रो स्टेशन
मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन ब्लू लाइन और वॉयलेट लाइन पर स्थित है. इस मेट्रो स्टेशन पर दो प्लेटफार्म हैं और आपको यह पैनल जिस पर मंडी हाउस का इतिहास है वह दूसरे प्लेटफार्म की दीवार पर लगा मिलेगा. मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर इस तरह से इतिहास लगाने का काम इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च (ICHR) और दिल्ली मेट्रो रेल्वे कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मिलकर किया है.







