Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

160 से ज्यादा लोकसभा सीटों का समीकरण बदलने की तैयारी में मोदी सरकार?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 19, 2023
in राष्ट्रीय
A A
pm modi cabinet
26
SHARES
852
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: मिशन-2024  की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण का बड़ा दांव चला है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट ने संसदीय व्यवस्था में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधित बिल को मंजूरी दे दी है. अब सरकार इसे लोकसभा और राज्यसभा में पास कराएगी.

महिला आरक्षण बिल बीजेपी के कोर एजेंडे में रहा है. अटल बिहारी सरकार के समय भी इसे पास कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब बहुमत नहीं होने की वजह से यह अटक गया. मोदी सरकार में भी लंबे वक्त से इसे लागू करने की मांग उठ रही है. भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के चुनावी घोषणापत्र में भी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था. चर्चा इस बात की है कि बीजेपी अपने सियासी समीकरण को दुरुस्त करने के लिए इस बिल का सहारा ले सकती है.

इन्हें भी पढ़े

पेट्रोल उत्पाद

संकट से निपटने भारत ने बनाया महा-प्लान, अब एक महीने का तेल-गैस रखेगा बैकअप

June 30, 2026
Modi Government

मॉनसून सत्र से पहले नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल संभव नहीं, समझिए कारण

June 30, 2026
dhiraj seth

‘टैंक अधिकारी’ के हाथों में भारतीय सेना की बागडोर, रेगिस्तान से लेकर पहाड़ तक अभियानों का है अनुभव 

June 30, 2026
general dhiraj seth

जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए प्रमुख, संभाली देश के 31वें आर्मी चीफ की कमान

June 30, 2026
Load More

हाल ही में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी महिला आरक्षण बिल जल्द ही पास होने की बात कही थी. राजस्थान के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वो दिन दूर नहीं है, जब देश में महिलाओं को संसद से कानून बनाकर आरक्षण दिया जाएगा.

27 साल से सिर्फ चर्चा में महिला आरक्षण बिल

1996 में एचडी देवगौड़ा के नेतृत्व में संयुक्त मोर्चा की सरकार ने महिला आरक्षण बिल लागू करने की बात कही थी. उस वक्त देवगौड़ा ने ऐलान किया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे सत्ता में उनकी भागीदारी में बढ़ोत्तरी हो.

हालांकि, इस बिल के पास होने से पहले ही देवगौड़ा की सरकार चली गई. बीजेपी ने इस मुद्दे को उस वक्त हाथों-हाथ लिया, लेकिन अटल बिहारी की सरकार भी महिला आरक्षण बिल को पास नहीं करवा पाई. सोनिया गांधी के पहल पर कांग्रेस ने बिल पास कराने की कवायद शुरू की.

मनमोहन सरकार ने 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल को पास भी करवा लिया, लेकिन लोकसभा में बहुमत नहीं होने की वजह से यह बिल फंस गया. इस मामले में खूब राजनीति भी हुई. 2014 में बीजेपी ने इसे मेनिफेस्टो में शामिल किया और बड़ा मुद्दा बनाया.

संसद में अगर महिला आरक्षण बिल पास होता है, तो लोकसभा चुनाव से पहले 160 से ज्यादा सीटों का समीकरण बदल सकता है.

लोकसभा चुनाव में महिला वोटर्स कितने महत्वपूर्ण?

चुनाव आयोग के 2019 के डेटा के मुताबिक भारत में कुल 91 करोड़ मतदाता में महिला वोटर्स की संख्या करीब 44 करोड़ है. आयोग के मुताबिक पिछले लोकसभा चुनाव में वोट डालने के मामले में पुरुषों मुकाबले महिलाएं आगे रहीं.

आयोग के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2019 में 67.02 प्रतिशत पुरुष और 67.18 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था. तमिलनाडु, अरुणाचल, उत्तराखंड और गोवा समेत 12 राज्यों में महिलाओं वोटरों ने अधिक मतदान किया. वहीं बिहार, ओडिशा और कर्नाटक में दोनों के वोट करीब-करीब बराबर पड़े.

इन 12 राज्यों में लोकसभा की करीब 200 सीटें हैं. बीजेपी को तमिलनाडु, केरल छोड़कर बाकी के राज्यों में पिछले चुनाव में बंपर जीत मिली थी.

2014 में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों ने अधिक मतदान किया था. आयोग के मुताबिक पुरुषों के 67.09 तो महिलाओं के 65.63 वोट पड़े थे. हालांकि, बिहार, उत्तराखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों में महिलाओं के वोट अधिक पडे़.

बीजेपी के समर्थन में महिलाओं ने जमकर किया मतदान

2019 में बीजेपी की प्रचंड जीत के पीछे महिला वोटरों की मुख्य भूमिका मानी गई. सीएसडीएस के मुताबिक 2019 में बीजेपी को कुल 37 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उसे वोट देने वाली महिलाओं में से 36 फीसदी के वोट मिले.

कांग्रेस को सिर्फ 20 प्रतिशत महिलाओं का समर्थन मिला. महिलाओं के 44 प्रतिशत वोट अन्य पार्टियों को मिले. अन्य पार्टियों में तृणमूल, बीजू जनता दल, बीआरएस और जेडीयू को सबसे अधिक महिलाओं का वोट मिला.

सीएसडीएस के मुताबिक गुजरात में बीजेपी को कुल 62 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि उसे महिलाओं के 64 प्रतिशत वोट मिले. इसी तरह बिहार, असम, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मिले कुल वोट में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक था.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी को कुल 49 प्रतिशत वोट मिला, लेकिन यहां उसे वोट देने वाली महिलाओं में से 51 फीसदी के वोट मिले. तमिलनाडु और महाराष्ट्र में बीजेपी को दोनों के बराबर वोट मिले. जिन राज्यों में बीजेपी को महिलाओं के अधिक वोट मिले, वहां पार्टी ने बंपर जीत दर्ज की. उदाहरण के लिए- गुजरात में बीजेपी को सभी 26 सीटों पर जीत मिली. इसी तरह बिहार में पार्टी ने 16, ओडिशा में 10 और असम में 9 सीटों पर जीत हासिल की.

महाराष्ट्र में बीजेपी ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की. यहां उसके गठबंधन सहयोगी शिवसेना को 18 सीटों पर जीत मिली थी. 2014 के चुनाव में भी बीजेपी को महिलाओं का समर्थन जमकर मिला था. सीएसडीएस के मुताबिक 2014 में 29 प्रतिशत महिलाओं ने बीजेपी के पक्ष में वोट डाले थे. उस साल बीजेपी को कुल 31 प्रतिशत वोट मिले थे.

2009 के मुकाबले यह बहुत ही बढ़ी बढ़ोतरी थी. 2009 में 18 प्रतिशत महिलाओं का वोट ही बीजेपी को मिला था.

सदन में महिलाओं की भागीदारी 15 प्रतिशत से भी कम

2019 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 78 महिला सांसद चुनकर सदन पहुंचीं, जबकि राज्यसभा में 250 में से 32 सांसद ही महिला हैं यानी 11 फीसदी. इसी तरह मोदी कैबिनेट में महिलाओं की हिस्सेदारी 5 फीसदी के आसपास है.

देश के विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी का हाल और भी बुरा है. दिसंबर 2022 में एक सवाल के जवाब में कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने महिलाओं की हिस्सेदारी को लेकर एक डेटा पेश किया. रिजीजू ने बताया कि आंध्र प्रदेश, असम, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश समेत 1वही9 राज्यों में महिला विधायकों की संख्या 10 फीसदी से भी कम है. इन राज्यों में लोकसभा की 200 से अधिक सीटें हैं.

वहीं बिहार, यूपी, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में महिला विधायकों की संख्या 10 फीसदी से अधिक लेकिन 15 फीसदी से कम है. 2018 में कांग्रेस संसदीय पार्टी के चेयरमैन सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था. सोनिया गांधी ने पत्र में मांग की थी कि सरकार महिला आरक्षण बिल को सदन से पास कराएं और महिलाओं की हिस्सेदारी को सुनिश्चित करें.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
court

MP-MLA को सजा सुनाने में क्यों पिछड़ा फास्ट ट्रैक कोर्ट?

June 17, 2023
pandit deendayal upadhyay

भाषा विवाद पर पंडित दीनदयाल जी के दृष्टिकोण

July 19, 2025
Parliament

13 दिसंबर 2001: संसद हमला और ऑपरेशन पराक्रम की… भारत ने पीछे क्यों लिए कदम जानिए!

December 13, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • संकट से निपटने भारत ने बनाया महा-प्लान, अब एक महीने का तेल-गैस रखेगा बैकअप
  • mAadhaar ऐप का आज आखिरी दिन! नए ऐप में मिलेंगी सभी सर्विस
  • 30 जून को पेट्रोल-डीजल के नए रेट हुए अपडेट, चेक करें अपने शहर का भाव

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.