नई दिल्ली : शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU) के नतीजे घोषित हो गए। चार में से तीन सीटों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जीत हासिल की है। ABVP के तुषार डेढा बतौर अध्यक्ष चुने गए हैं। सेक्रेटरी के पद पर अपराजिता और ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर सचिन बैसला ने जीत हासिल की है। वहीं NSUI के अभि दहिया बतौर वाइस प्रेसिडेंट चुने गए हैं। आइए समझते हैं DUSU चुनाव में ABVP की जीत के पीछे तीन बड़ी वजह…
भाजपा के स्पेशल 16 नेता
जानकारी के मुताबिक, DUSU चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) नेताओं की एक स्पेशल टीम बनाई गई थी। इस टीम में 16 नेता शामिल थे। टीम में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ उन नेताओं को भी शामिल किया गया था जो डीयू की राजनीति में अच्छी पकड़ रखते हैं। गौरतलब है कि अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजधानी दिल्ली में DUSU चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी चुनाव था। भाजपा के एक सीनियर नेता ने बताया कि हमारा प्लान इस चुनाव में भाजपा के फेवर में माहौल बनाना था।
कोरोना वाला सपोर्ट
DUSU के पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी गौरव खारी ने बताया कि ABVP एक ऐसा संगठन है जो पूरे साल सक्रिय रहता है। कोरोना महामारी के समय से ही ABVP छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। महामारी के दौरान छात्रों की सहायता के लिए ABVP ने बहुत मेहनत की थी। उन्होंने आगे कहा कि ABVP सिर्फ चुनावों के आसपास ही सक्रिय रहने वाला संगठन नहीं है।
पहली बार वोट डालने जा रहे छात्रों पर नजर
DUSU चुनाव को लेकर ABVP पिछले एक साल से सक्रिय है। इस चुनाव में डीयू के छात्र-छात्राएं चार साल बाद वोट डालने जा रहे थे। ऐसे में ABVP ने पहली बार मतदान करने जा रहे वोटरों को टारगेट किया। ABVP के एक सूत्र ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि उन्होंने ABVP को वोट देने के लिए प्रचार नहीं किया बल्कि छात्रों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अनुरोध किया।







