नई दिल्ली: लंबे समय से ब्रिक्स देशों का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर इसकी एंट्री के लिए आवेदन कर दिया है। रूसी न्यूज एजेंसी TASS ने इसकी जानकारी दी है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसे भी 2024 में इस अहम संगठन में एंट्री मिल जाएगी, जिसका जनवरी में विस्तार होने जा रहा है। सऊदी अरब और इथियोपिया समेत कई देशों को इसमें शामिल करने पर सहमति बनी है। चीन लंबे समय से पाकिस्तान की एंट्री की कोशिश करता रहा है। अब पाक को उम्मीद है कि उसे इस पर रूस का भी समर्थन मिल जाएगा। यही वजह है कि उसने इस बार आवेदन किया है, जब ब्रिक्स देशों की अध्यक्षता 2024 में रूस को ही सौंपी गई है।
रूस की भारत के साथ दशकों से भरोसेमंद साझेदारी रही है। वहीं बदले वैश्विक हालातों में पाकिस्तान भी रूस के करीब जाना चाहता है। इसकी वजह यह है कि चीन के साथ ज्यादा नजदीकी और अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद ताल्लुक वैसे नहीं रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी खेमे से बेदखल सा हुआ पाकिस्तान अब चीन के अलावा रूस को भी साधना चाह रहा है। वहीं यूक्रेन युद्ध में घिरे रूस को तेल से लेकर हथियारों तक एक खरीददार की जरूरत है। पाकिस्तान की भी बड़ी आबादी है, जिससे वह तेल और हथियारों का बड़ा खरीददार है।
रूस में पाकिस्तान के नए राजनयिक बने मुहम्मद खालिद जमाली ने पुष्टी की है कि पाकिस्तान ने ब्रिक्स में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। BRICS देशों में अब तक ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ही रहे हैं। चीन के विस्तार का पक्षधर रहा है, जबकि भारत ने भी सऊदी अरब समेत 6 देशों के आने का स्वागत किया है। हालांकि पाकिस्तान को लेकर भारत दूरी ही बरतता रहा है। इसकी वजह यह है कि चीन के अलावा पाकिस्तान भी यदि इसमें आया तो अहम प्रस्तावों पर वोटिंग में मुश्किल होगी। चीन के अलावा पाकिस्तान भी भारत का कट्टर प्रतिद्वंद्वी है। ऐसे में दोनों का साथ आना ठीक नहीं रहेगा।
यही नहीं भारत और चीन के बीच सीधे मुकाबले की स्थिति में रूस भी अकसर तटस्थ ही रहता है। ऐसी स्थिति में चीन, पाकिस्तान मिलकर भारत के खिलाफ गोलबंदी कर सकते हैं। ब्रिक्स में पाकिस्तान की एंट्री के आवेदन पर अब तक भारत की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान अब रूस से यह मांग भी कर रहा है कि दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू की जाएं। सस्ते तेल के लिए भी उसने रूस से गुहार लगाई थी। इजरायल और हमास के बीच जारी जंग में रूस और चीन के स्टैंड ने भी पाकिस्तान समेत कई इस्लामिक देशों को उनके करीब किया है।







