नई दिल्ली : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर, 2023 तक बढ़ा दी। इसके साथ ही अदालत ने संजय सिंह के वकील को पूरक आरोप पत्र की एक प्रति उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। अदालत ने कहा कि जमानत याचिका पर 6 दिसंबर को बहस होगी। इस बीच जांच एजेंसी ईडी की ओर से कहा गया कि गवाह संरक्षण प्रावधान के तहत किसी भी गवाह की पहचान का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए। ईडी की इस मांग पर संजय सिंह के वकील ने आपत्ति जताई।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के वकील फारुख खान ने कोर्ट में ईडी के रुख की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईडी ने सोमवार को एक आवेदन दिया। इसमें कहा गया है कि गवाह संरक्षण प्रावधान के तहत किसी भी गवाह की पहचान का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए… ईडी के इस आवेदन पर हमारी ओर से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। हमने कहा कि यदि जांच एजेंसी ऐसा आवेदन दायर करना चाहती थी तो उसे पहले ही ऐसा करना चाहिए था।
संजय सिंह के वकील फारुख खान ने कहा- ऐसे में जब जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है तो ऐसा किया जाना उचित नहीं है। फारुख खान ने अदालत में प्रस्तुत की गई अपनी दलीलों में कहा कि ये सब जल्दबाजी की तकनीकें हैं, ताकि 6 दिसंबर को सुनवाई के लिए लगी हमारी जमानत याचिका निरर्थक हो जाए।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने अपने आवेदन में कहा था कि एक संरक्षित गवाह का नाम का गलती से उल्लेख कर दिया गया था। इस वजह से सुरक्षा के कारण वह सार्वजनिक डोमेन में नहीं आएंगे। इसके बाद अदालत ने अंतरिम अदालत के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया। साथ ही अदालत के कर्मचारियों को फाइल गुप्त रखने का निर्देश दिया। अदालत ने संजय सिंह के वकील को पूरक आरोप पत्र की अग्रिम प्रति देने का आदेश देते हुए ईडी की मांग भी मानी।
अदालत ने ईडी को पूरक आरोप पत्र की प्रति में संरक्षित गवाह के नाम का उल्लेख करने वाले हिस्से को हटाने या छिपाने की अनुमति दी। संजय सिंह को सोमवार को राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल जज एमके नागपाल की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से आरोप पत्र में उल्लेखित गवाहों के नाम को गुप्त रखने को लेकर आवेदन दाखिल किया गया। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब इस मामले में 6 दिसंबर को सुनवाई करेगी।







