नई दिल्ली : राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी नजरें 4 महीने बाद होने जा रहे लोकसभा चुनाव पर है। 2024 में दिल्ली की गद्दी पर कौन बैठेगा? इस सवाल का जवाब जानने की जितनी उत्सुकता लोगों में है उतनी ही दिलचस्पी इस बात को लेकर भी है कि राजधानी में किस तरह का मुकाबला होगा। पिछले दो चुनाव में दिल्ली की सभी सातों लोकसभा सीटों पर भगवा परचम लहराती रही भाजपा क्या एक बार फिर यहां विपक्ष का सूपड़ा साफ करेगी या कांग्रेस और ‘आप’ साथ मिलकर इस बार नतीजा बदले की स्थिति में है?
लोकसभा चुनाव से पहले आए एक सर्वे में दिल्ली की जनता का मूड भांपने की भी कोशिश की गई है। बुधवार को टाइम्स नाउ ईटीजी का सर्वे प्रसारित किया गया। इसके मुताबिक एक बार फिर दिल्ली में भाजपा का दबदबा कायम रहेगा। भाजपा दिल्ली में लगभग सभी सीटों पर कब्जा कर सकती है। सर्वे का अनुमान है कि यदि ‘आप’ और कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत एक साथ मिलकर भाजपा का मुकाबला करती हैं तो भी भाजपा को 6-7 सीटों पर जीत मिल सकती है। इंडिया गठबंधन को 0-1 सीट हासिल हो सकती है।
AAP-कांग्रेस अलग लड़े तो क्या होगा
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि यदि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हुआ और तीनों दल अलग-अलग लड़े तब भी नतीजे पर कोई खास असर नहीं होगा। भाजपा 6-7 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है तो आम आदमी पार्टी का भी खाता खुलने की संभावना है। आप को 0-1 सीट मिल सकती है। कांग्रेस को एक बार फिर खाली हाथ रहना पड़ सकता है।
52 फीसदी वोट शेयर पर कब्जा कर सकती है भाजपा
सर्वे में भविष्यवाणी की गई है कि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा दिल्ली में 52 फीसदी वोट शेयर पर कब्जा कर सकती है। ‘इंडिया’ गठबंधन को 45 फीसदी वोटशेयर मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में 3 फीसदी वोट जा सकते हैं।







