नई दिल्ली: 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद आपसी सिरफुटौव्वल का सामना कर रहे INDIA गठबंधन के कई सांसद संसद के इस सत्र से निलंबित कर दिए गए, जिससे गठबंधन के नेताओं को आस जगी है कि INDIA गठबंधन अपने पिछले मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर 2024 की लड़ाई के लिए जुटेगा. 5 राज्यों के चुनाव में ‘एकला चलो’ का नारा लेकर चली कांग्रेस 4 राज्यों में धड़ाम हो गयी. इंडिया गठबंधन 2024 के लिए है, ये कहकर उसने सहयोगियों से गठबंधन से इनकार कर दिया.
ऐसे में नतीजे आते ही अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल कांग्रेस को आइना दिखाने लगे. ममता बनर्जी ने अपने सांसदों को यहां तक आदेश जारी कर दिया कि विपक्षी एकता सिर्फ संसद के भीतर के लिए है. बाहर के लिए हम मौके के लिहाज से अपनी रणनीति तय करेंगे.
6 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बुलाए डिनर से भी टीएमसी दूर रही, लेकिन पहले महुआ मोइत्रा का संसद से निष्कासन, फिर डेरेक ओ ब्रायन का पूरे सत्र के लिए निलंबन हुआ, तो कांग्रेस दोनों मौकों पर टीएमसी के साथ मजबूती से खड़ी दिखी. खुद सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी सक्रिय नजर आये.
ममता बनर्जी ने सुर किया नरम
पहले राहुल गांधी ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए ममता बनर्जी को न्योता दिया तो नाखुश चल रहीं ममता बनर्जी ने अपने आखिर अपने विश्वस्त डेरेक ओ ब्रायन को भेज ही दिया था. ऐसे में विपक्षी सांसदों पर हो रही कड़ी कार्रवाई से कांग्रेस को लगता है कि विपक्षी दल एकजुट होकर जनता के बीच जाएंगे.
टीएमसी के अलावा लोकसभा के तमाम विपक्षी दलों के सांसद भी सस्पेंड हुए. जिस पर विपक्ष का कहना है कि वेल आकर नारेबाजी करने को विपक्ष में रहते बीजेपी कैसे भूल गयी, संसद में सुरक्षा चूक पर सवाल उठाने पर विपक्षियों पर एक्शन लिया जा रहा है, जबकि गृह मंत्री बयान तक देने को तैयार नहीं है.
फिर एक साथ जुटेंगे ममता, अखिलेश, नीतीश और केजरीवाल
पास बनवाने वाले बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा पर कोई एक्शन नहीं हुआ. इससे पहले आप अपने नेताओं पर एक्शन को और आजम खान पर कार्रवाई को सपा बीजेपी की विरोधियों को सताने की साजिश बता चुकी है. ऐसे में सवाल यही है कि संसद सत्र में विपक्षियों पर एक्शन क्या उनके लिए फेविकोल का काम करेगा और उनको 2024 के लिए संजीवनी देगा.
यही वजह है कि 6 दिसम्बर को ममता,अखिलेश समेत कई नेताओं के बैठक से दूरी बनाने के चलते इंडिया गठबंधन की बैठक टाल दी गयी थी, लेकिन शायद ये वक्त का तकाजा है कि अब 19 दिसम्बर को होने वाली बैठक में ममता, अखिलेश, नीतीश और केजरीवाल समेत सभी दिग्गज शामिल हो रहे हैं. ये बात अलग है कि जब आमना-सामना होगा, तब रिश्ता किस दिशा में आगे बढ़ेगा.







