मुरार सिंह कण्डारी
नागपुर: राज्य में मराठा- कुणबी तथा कुणबी मराठा जाति की पंजीकरण के लिए आवश्यक प्रमाणों की जांच करने तथा प्रमाणपत्र देने की कार्य पद्धति निश्चित करने के उद्देश्य से नियुक्त की गई न्यायमूर्ति संदीप शिंदे (निवृत्ति) समिति द्वारा तैयार की हुई रिपोर्ट आज राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई.
विधान भवन के मंत्रिमंडल कक्षा में यह रिपोर्ट न्यायाधीश शिंदे ने मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे को सौंपी. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, ग्राम विकास एवं पर्यटन मंत्री गिरीश महाजन, सार्वजनिक निर्माण मंत्री दादाजी भुसे, राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री शंभूराज देसाई, राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटील, विधायक भारत गोगवले, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहाय तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डा. सुमंत भांगे आदि उपस्थित थे.
विदित हो कि न्यायाधीश शिंदे समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट ३१ अक्टूबर को राज्य के मंत्रिमंडल की बैठक में पेश की थी. इसके पश्चात न्यायाधीश शिंदे समिति ने आज अपनी दूसरी रपट प्रस्तुत की. मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में कुणबी मराठा तथा मराठा कुणबी जाति से सम्बंधित प्रमाणों की खोज कर प्रमाण पत्र देने के लिए पद्धत निर्धारित करने के उद्देश्य से नियुक्त की गई न्यायधीश शिंदे समिति ने अपेक्षा के अनुसार काम किया है. सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डा. भांगे ने समिति द्वारा आज तक किए गए कामकाज की जानकारी भी इस अवसर पर दी।







