Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

मोदी और पुतिन की दोस्ती जरूरत या मजबूरी?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 30, 2023
in राष्ट्रीय, विश्व
A A
modi-putin
21
SHARES
698
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

मॉस्को: भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का लोहा मनवाया है। पूरी दुनिया में भारत के इस रवैये की प्रशंसा हुई। भारत ने पश्चिमी दवाब में रूस की न तो आलोचना की और ना ही उससे दूरी बनाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन युद्ध की खिलाफत भी की और वो भी पुतिन के ठीक सामने। इसके बावजूद पुतिन ने कई बार पीएम मोदी की तारीफ की और उन्हें अपना सबसे करीबी दोस्त बताया। यह सब बताता है कि भारत और रूस के संबंध कितने मजबूत हैं। हाल में ही भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पांच दिनों की रूस यात्रा पर मॉस्को पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रोटोकॉल तोड़कर जयशंकर से मुलाकात की। अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने रूसी नेताओं के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक, रक्षा, राजनयिक और राजनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत की। ऐसे में जानें कि भारत को रूस की कितनी जरूरत है।

रूस से रक्षा आयात में आई कमी

इन्हें भी पढ़े

Himalaya

हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी

April 1, 2026
nato

अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, जानिए वजह

April 1, 2026
Tax

आज से नया टैक्‍स कानून, बदल जाएंगे HRA समेत ये 10 नियम!

April 1, 2026
Strait of Hormuz

ईरान के ‘टोल प्लान’ से जंग का नया मुद्दा बना होर्मुज?

April 1, 2026
Load More

पिछले कुछ साल में रूस से भारत के आयात में कमी देखने को मिली है। ऐसी भी रिपोर्ट है कि यूक्रेन युद्ध के कारण भारतीय सेना के कई प्रमुख हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति में देरी हुई है। यूक्रेन युद्ध के कारण रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों ने कई प्रतिबंध लगाए हैं। इस कारण भारत और रूस के बीच व्यापार के भुगगतान को लेकर एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है। कुछ रिपोर्टों में यहां तक दावा किया गया था कि भारत और रूस के बीच तेल के आयात पर भी भुगतान संबंधी समस्या का असर देखने को मिल सकता है। लेकिन, भारत और रूस ने अब ऐसे विवादित मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर चुप्पी साध रखी है। इस बीच जयशंकर से मुलाकात के बाद रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि दोनों पक्षों ने भारत की मेक इन इंडिया इनिशिएटिव के हिस्से केे रूप में आधुनिक हथियारों के संयुक्त उत्पादन सहित सैन्य और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

भारत को कौन-कौन से हथियार नहीं दे पा रहा रूस

भारत वर्तमान में एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीन बैटरियों, चार एडमिरल ग्रिगोरोविच प्रोजेक्ट के 1135.6एम फ्रिगेट्स की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। इनमें से दो का निर्माण भारत के गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में किया जाना है। रूस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के तहत एक और प्रोजेक्ट 971 अकुला (शुका-बी) क्लास की परमाणु संचालित पनडुब्बी (एसएसएन) को लगभग 3 बिलियन डॉलर में पट्टे पर देने वाला है। ये सभी प्रोजेक्ट अपने तय समय से काफी देरी से चल रहे हैं। परमाणु पनडुब्बी के लिए भारत ने पहले भुगतान भी किया हुआ है। लेकिन, अब संभावना जताई जा रही है कि देरी के कारण इस प्रोजेक्ट को रद्द किया जा सकता है। ऐसे में भारत परमाणु संचालित पनडुब्बी को पाने के लिए किसी और देश का रुख कर सकता है।

एके-203 राइफलों की डिलिवरी भी अटकी

रूस भारतीय सेना को 70000 से 80000 कलाश्निकोव AK-203 असाल्ट राइफल की आपूर्ति करने वाला है। इसका टेंडर दिसंबर 2021 में हुई थी। वहीं, लगभग 600000 AK-203 असाल्ट राइफलों का निर्माण उत्तर प्रदेश के अमेठी के पास कोरवा में एक फैक्ट्री में होना है। रूस से AK-203 असाल्ट राइफल की पहली बैच मिलने में भी देरी हो रही है। इस कारण भारतीय रक्षा मंत्रालय ने हाल में ही भारतीय सेना के लिए 840 करोड़ रुपये में अमेरिका से 73,000 अतिरिक्त सिग सॉयर एसआईजी716 ‘पैट्रोल’ राइफलों के आयात को मंजूरी दे दी। इसके अतिरिक्त भारत को कई रूसी मिसाइलों जैसे मैन-पोर्टेबल वेरी शॉर्ट रेंज डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और मिक्स्ड गोला-बारूद का भी इंतजार है।

पेमेंट को लेकर दोनों देशों में टेंशन

रूस से सैन्य उपकरणों की खरीद में भारत की परेशानी पेमेंट सिस्टम को भी लेकर बढ़ी है। भारत को कई हथियारों, पुर्जों और संबंधित उपकरणों के लिए रूस को 3-4 बिलियन डॉलर का भुगतान करना था। भारत के पास रूस को देने के लिए पैसा भी है, लेकिन भुगतान का विकल्प न होने से यह पैसा अटका हुआ है। इस कारण रूस ने कुछ महीनों के लिए भारत को दिए जाने वाला सारा क्रेडिट रोक दिया। भारत और रूस पहले रुपया-रूबल में व्यापार करने को सहमत हुए थे, लेकिन यह सफल नहीं हो सका। रूस का दबाव है कि भारत उसे चीनी मुद्रा युआन में भुगतान करे, लेकिन नई दिल्ली मॉस्को के इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं है। भारतीय बैंक भी रूस के साथ व्यापार से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें अमेरिकी प्रतिबंध का खतरा है।

भारत ने रूस से कई हथियार सौदे रद्द किए

कुछ दिनों पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि परमाणु हथियार संपन्न देश होने के बावजूद रूस का भूराजनीतिक महत्व घट रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में बेंगलुरु में 14वें एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे स्मारक व्याख्यान देते हुए जनरल चौहान ने कहा कि वैगनर विद्रोह ने रूस की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया है। इस बीच भारत रूस रक्षा व्यापार में गिरावत भी देखी गई है। इससे संकेत मिलता है कि भारत पूरी तरह से रूस के हथियारों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। उदाहरण के लिए भारतीय वायु सेना ने अपनी पहली 84 सुखोई एसयू30एमकेआई को सुपर सुखोईमें अपग्रेड करने में रूस को नजरअंदार करने का विकल्प चुना, भले ही वह विमान में बदलाव के लिए अपने रूसी निर्माताओं के साथ बातचीत कर रही थी। इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना और आर्मी एविएशन कोर के लिए 200 रूसी कामोव केए-226टी ‘हुडलम’ लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों के लिए 1.2 अरब डॉलर के 2014 के टेंडर को रद्द करने का फैसला किया। इनमें से 60 रूस से उड़ने लायक स्थिति में खरीदे जाने थे, बाकी का निर्माण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के तहत भारत में किया जाना था। भारतीय वायु सेना ने अपने 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) के प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए दो रूसी लड़ाकू विमानों मिग-35 और एसयू-35 को भी महत्व नहीं दिया है।

भारतीय नौसेना के लिए रूस से विमान नहीं खरीदेगा भारत

भारतीय नौसेना ने भी अपने नए विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के लिए लड़ाकू विमानों को खरीदने में रूस को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने आईएनएस विक्रमादित्य पर इस्तेमाल किए जा रहे रूसी मिग-29के को खरीदने का विचार त्याग दिया। भारत ने मिग-29 के की जगह फ्रांसीसी राफेल-एम को प्राथमिकता दी है। संभावना जताई जा रही है कि गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बन पधार रहे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा के दौरान इस संबंध में डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है। भारत ने रूस पर प्रतिबंधों के कारण आपूर्ति की संभावनाओं को कम देखते हुए विक्रांत पर तैनाती के लिए मई 2019 में रक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित 520 मिलियन डॉलर में 10 अतिरिक्त कामोव का-31’हेलिक्स’ हवाई प्रारंभिक चेतावनी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए भी बातचीत रोक दी है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
bhupesh-baghel 1

छत्तीसगढ़ में सबको मिला न्याय

May 4, 2023

नहीं रहे मशहूर अभिनेता कैकला सत्यनारायण!

December 23, 2022
exit poll delhi

दिल्ली में कितनी सीटें कौन जीतेगा? क्या कहता है ‘पहल’ एग्ज़िट पोल!

February 6, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • जिन्हें तकनीकी वजहों से PM आवास नहीं मिला, वे इस योजना से पूरा कर रहे घर का सपना
  • हिमालय की ऊंचाइयों पर चल रहा ‘खेल’, स्कैम की कहानी चौंकाएगी
  • अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, जानिए वजह

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.