श्रीनगर: आतंकवाद के चलते जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दशकों से कई हिंदू मंदिर बंद थे. अब इन मंदिरों के ताले एक बार फिर खुलने शुरू हुए हैं. इसी कड़ी में शनिवार को एक ऐसे मंदिर में हवन-पूजन किया गया जो 32 साल से बंद था. साढ़े तीन सौ साल पुराने आनंदेश्वर भैरवनाथ मंदिर को तीन दशकों के बाद फिर से खोला गया और यहां भगवान की पूजा-अर्चना की गई.
लाल चौक घंटा घर से करीब में है मंदिर
आनंदेश्वर भैरवनाथ मंदिर श्रीनगर का दिल कहे जाने वाले लाल चौक घंटा घर से कुछ ही दूरी पर स्थित माईसुमा इलाके में है. इस मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक जब से आतंकवाद का दौर शुरू हुआ था, तभी से यह मंदिर बंद था. इन मंदिरों को आतंकवादी घटनाएं बढ़ने के बाद बंद कर दिया गया था. अब आनंदेश्वर भैरवनाथ मंदिर एक बार फिर से श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है. मंदिर खुलने के बाद यहां विशेष पूजा-अर्चना की गई. इस मौके पर स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं के अलावा घाटी में घूमने के लिए पर्यटक भी मौजूद रहे और उन्होंने बाबा भैरवनाथ के दर्शन करके आशीर्वाद लिया. साथ ही सभी ने जम्मू-कश्मीर की शांति और उन्नति के लिए प्रार्थना भी की.
1990 से था बंद
वर्ष 1990 में जब घाटी में आतंकवाद चरम पर था, तभी कई अन्य मंदिरों के साथ इस प्राचीन मंदिर को भी बंद कर दिया गया था. जबकि शहर के बीचोबीच स्थित होने के चलते 1990 से पहले इस मंदिर में खासी चहलपहल रहती थी. मैसुमा से लेकर बसंतबाग, गंपतयार, हब्बाकदल तथा जेनदार मोहल्ला आदि के लोग इस मंदिर में पूजापाठ के लिए आते थे. लेकिन पिछले 3 दशकों से इस मंदिर में सन्नाटा पसरा हुआ था.
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से धीरे-धीरे जब बंद पड़े मंदिरों को खोलना शुरू हुआ, तो इसी कड़ी में आनंदेश्वर मंदिर भी खोला गया है. खबरों के मुताबिक आनंदेश्वर भैरवनाथ ट्रस्ट के एक अधिकारी हीरालाल कौल ने कहा कि शनिवार को आनंदेश्वर मंदिर का स्थापना दिवस था और उसी दिन उसे खोला गया. बता दें कि 370 हटने के बाद से अब तक घाटी में करीब 50 से अधिक मंदिर फिर से खोले गए हैं.







