नई दिल्ली : देश में काफी समय से एक देश एक चुनाव को लेकर चर्चा चल रही है। कई दल इसके पक्ष में हैं तो कई इस विचार से सहमत नहीं हैं। यही वजह है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने इसे लेकर एक पैनल बनाया था। जिसके अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं। इस पैनल का काम लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने को लेकर जल्द से जल्द सिफारिश और एग्जामिन करना है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने रुख से पैनल को अवगत कराया। आप के वरिष्ठ नेता जैस्मिन शाह, ने पंकज गुप्ता के साथ पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आप देश में एक साथ चुनाव कराने का पुरजोर विरोध करती है। शाह ने पोस्ट में लिखा, ‘आज आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता के साथ पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। उनके सामने आम आदमी पार्टी के विचार रखे।’
शाह ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से मतदाताओं के प्रति जवाबदेही कमजोर हो जाएगी। संविधान और लोकतंत्र के सिद्धांतों को ‘संकीर्ण वित्तीय लाभ या प्रशासनिक सुविधा’ के लिए बलिदान नहीं किया जा सकता है। समिति के साथ बैठक के दौरान आप नेताओं ने मौजूदा कंसल्टेशन की ‘त्रुटिपूर्ण प्रकृति’ की ओर भी इशारा किया, जो किसी भी फिजिकल नीतिगत ड्राफ्ट के बिना एक अस्पष्ट विचार किया जा रहा है। सीपीआई और सीपीआई (एम) जैसे विपक्षी दलों ने भी हाल ही में पैनल से मुलाकात की थी।







