नई दिल्ली। देश की राजधानी में कोई भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाला अब नहीं पाएगा। इसके साथ राजधानी के लोगों को जल्द ट्रैफिक जाम से भी छुटकारा मिलने वाला है क्योंकि दिल्ली सरकार शहर भर के जंक्शनों पर 5 हजार कैमरे लगवाने जा रही है।
आम आदमी पार्टी की सरकार के अंतर्गत आने वाले दिल्ली परिवहन विभाग इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को एकीकृत करने संबंधी योजना के तहत शहर भर के जंक्शनों पर 5,000 कैमरे लगाने की प्लानिंग की है
दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन कैमरों का यूज राजधानी भर के ट्रैफिक निगरानी और यातायात चालान जारी करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा यातायात और सिग्नल मैनेजमंट और सार्वजनिक घोषणाओं के लिए उपयोग किया जाएगा।
दोबारा निकाला गया ट्रेंडर
एजेंसी का चुनने के लिए जनवरी में एक टेंडर जारी किया गया। हालांकि सरकार की टेंडर को कोई खरीदार नहीं मिला क्योंकि राजस्व साझाकरण मॉडल प्रति चालान के आधार पर था। बदलाव करने के बाद पिछले सप्ताह दोबारा टेंडर जारी किया गया। जिसके बाद अब दिल्ली सरकार एजेंसी के जरिए जल्द कैमरे स्थापित करने का काम शुरू कर देग। एक एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) स्थापित कर सकती है।
जानें कैसा होगा सिस्टम?
नए टेंडर में सलेक्ट की गई एजेंसी को तीन साल के अंदर आईसीसीसी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ 16 यातायात उल्लंघनों के लिए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली के साथ कैमरे स्थापित करने होंगे, और पिछले पांच वर्षों के लिए वीडियो और डेटा की क्षमता वाली स्टोरेज की व्यवस्था करनी होगी।
यातायात विभाग के अनुसार सिस्टम को सरकार के ई-चालान पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा। यह पहले दिल्ली की सड़क सुरक्षा समिति का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व परिवहन विभाग करता है और इसमें यातायात पुलिस, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सदस्य भी हैं।







