Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

संसद में घुसपैठ, क्या सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये खतरे की घंटी है?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
December 14, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
लोकसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक
17
SHARES
574
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


संसद पर हमले को 22वीं बरसी पर संसद की सुरक्षा में चूक वाहत चिंताजनक है। सबसे बड़ी बात कि तय लोकसभा में कार्यवाही चल रही थी और पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद खगेन मुर्भु लोकसभा में बोल रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा से दो घुसपैठिए सदन में कूद पड़े। कार्यवाही तत्काल स्थगित करनी पड़ी और निडर सांसदों नेही आगे बढ़कर घुसपैठियों को काबू में किया। घुसपैठिए अपने साथ एक द्रव्य लाए थे जिससे उन्होंने पीला धुआं फैला दिया। गनीमत है कि धुआं जहरीला नहीं था, पर यह एक बड़ी सुरक्षा चूक है और सुरक्षा एजेंसियों को विस्तार से जांच करनी चाहिए। संसद में हथियार ले जाना असंभव है, पर जो द्रव्य जूतों में छिपाकर ले जाया गया, क्या उसे जांचने और रोकने की सुविधा सुरक्षा एजेंसियों के पास नहीं थी? क्या संसद में दर्शकों के जूतों की जांच का कोई प्रावधान नहीं है? यह सवाल खड़ा हो गया है कि ऐसी कौन-कौन- -सी चीजें हैं, जिनकी जांच संसद में प्रवेश से पहले नहीं की जाती है?

इन्हें भी पढ़े

Rashtriya Swayamsevak Sangh

संघ की शाखा में डॉ. अम्बेडकर ने किया सामाजिक समरसता का अनुभव : अशोक पांडेय

April 15, 2026
baba barfani

अमरनाथ यात्रा से पहले आई बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर!

April 14, 2026
election commission and supreme court

वोटिंग से पहले बायोमेट्रिक की मांग पर PIL, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

April 14, 2026

ईरान टेंशन के बीच लगा एक और करंट, लगातार 5वें महीने देश में बढ़ी महंगाई

April 14, 2026
Load More

घुसपैठिए कौन थे, उनका मकसद क्या था, सब कुछ धीर-धीर पता चल जाएगा, मगर हमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए घुसपैठ की एक बड़ी चुनौती है। दुस्साहसी साजिश रचने वालों के नेटवर्क नेटवक की पूरी पड़ताल होनी चाहिए, ताकि ऐसे खतरनाक मनसूबों की कमर हमेशा के लिए टूट जाए। हरसंभव कोण से जांच करने की जरूरत है। हालांकि,इसमें कोई शक नहीं कि राजनेता इस घुसपैठ में भी अपने लिए राजनीति की गुंजाइश खोजने की कोशिश करेंगे। ऐसा होना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण होगा, पर हर तरह के मामले में राजनीति होना अपने देश के लिए कोई नई बात नहीं है। अतः यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह राजनीति के लिए कोई गुंजाइश न छोड़े, समय रहते दूध का दूध और पानी का पानी कर दे। विपक्ष को एक मौका जरूर मिल गया है, क्योंकि दोनों घुसपैठिए एक भाजपा सांसद द्वारा अनुशंसित पास पर दर्शक दीर्घा में पहुंचे थे।

अब तत्काल प्रभाव से दर्शकों के प्रवेश को रोक दिया गया है, मगर यह अस्थायी उपाय ही होना चाहिए। अंततः दर्शकों को पूरी जांच के बाद ही दर्शक दीर्घा में जाने की मंजूरी देनी चाहिए। साथ ही, जूते-चप्पल या कोई भी ऐसा अन्य पदार्थ उनके साथ नहीं होना चाहिए, जिसका दुरुपयोग हमले के लिए हो सकता हो। इसमें कोई शक नहीं कि संसद के लिए सुरक्षा की नई योजना बनानी पड़ेगी। आज भारत जिस मोड़ पर है, वहां वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकता। संसद को अगर कोई अवांछित तत्व छूते हुए भी जाता है, तो यह हमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी है। सुरक्षा एजेंसियों और सुरक्षा व्यवस्था को ऐसा चौकस होना चाहिए कि कोई भी अपराधी तत्व ऐसी जुर्रत न कर सके।

बेशक, सुरक्षा एजेंसियों पर हमें पूरा भरोसा रखना होगा, पर अति- आत्मविश्वास कतई उचित नहीं है। ध्यान रहे, अमेरिका-कनाडा में बैठे एक खालिस्तानी आतंकी ने कुछ ही दिनों पहले भारतीय संसद पर हमले की धमकी दी थी। इस धमकी के मद्देनजर सुरक्षा के तमाम संसाधनों को सतर्क कर देना चाहिए था। अफसोस, ऐसे खुराफाती हैं, जो संसद पर हमले के लिए फांसी की सजा पाने वाले आतंकी अफजल गुरु को भी एक अलग नजरिये से देखते हैं। ऐसे गलत लोगों को अपनी पुरानी आदतों से बाज आना चाहिए। साथ ही, सांसदों को भी दर्शक दीर्घा पास के लिए लोगों की सिफारिश करते हुए सचेत रहना होगा। यह दौर पारंपरिक उदारता का नहीं, सतर्क सेवा का है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ

पाक के कब्जे में BSF जवान, पत्नी बोली- ‘मन को थोड़ी शांति मिली’ !

May 2, 2025
bunker buster' bomb

अमेरिका का ‘बंकर बस्टर’ बम जो ईरान के फोर्डो परमाणु ठिकाने को मिटा सकता है !

June 19, 2025
ODF Swachh Bharat

ओडीएफ से आगे-संपूर्ण स्वच्छ भारत की ओर

October 5, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • वैशाख अमावस्या कब है, शनि के बुरे प्रभाव कम करने के लिए करें ये उपाय
  • सम्राट चौधरी ही क्यों बने नीतीश कुमार के सच्चे उत्तराधिकारी?
  • संघ की शाखा में डॉ. अम्बेडकर ने किया सामाजिक समरसता का अनुभव : अशोक पांडेय

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.