केलांग. हिमाचल प्रदेश में लाहौल स्पीति में उपचुनाव (Himachal by Elections) की जंग रोचक हो गई है. यहां पर भाजपा के बागी और पूर्व मंत्री राम लाल मारकंडा ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया. पूर्व मंत्री राम लाल मारकंडा के नामांकन भरने से भाजपा और कांग्रेस, दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. क्योंकि उनके नामांकन के दौरान काफी संख्या में लोग नजर आए हैं.
जानकारी के अनुसार, नामांकन दाखिल करने से पहले राम लाल मारकंडा ने केलांग में एक रोड शो किया और रैली निकाली और बाद में केलांग में एक जनसभा भी की, जिसमें अच्छी खासी संख्या में लोग नजर आए. नामाकंन से पहले डॉक्टर राम लाल मारकंडा ने केलांग के दुर्गा माता मंदिर से पुलिस मैदान तक समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ शाक्ति प्रदर्शन किया. नामांकन के बाद फिर पुलिस मैदान में रामलाल मारकंडा दोनों पार्टियों पर जम कर बरसे. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां मुझे डेढ़ महीने तक टिकट को लेकर ठगाती रही. लेकिन मुझे अब निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ रहा है.
मारकंडा बोले कि जब-जब मुझे लाहौल स्पीति की जनता ने वोट दे कर जीताया है, तब-तब लाहौल स्पीति को आगे बढ़ाने में उम्मीद से ज्यादा काम किया है. उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी रवि ठाकुर पर जम कर निशाना साधा. बोले-रवि ठाकुर के कारगुजारी के चलते आज लाहौल स्पीति की जनता को जबरदस्ती उपचुनाव में झोंका गया है. लाहौल स्पीति की जनता ने रवि ठाकुर को पांच साल के लिए विधानसभा भेजा था, लेकिन उन्होंने मात्र डेढ़ साल में ही लोगों को धोखा दिया.
बता दें कि मारकंडा पूर्व जयराम सरकार में मंत्री रहे हैं. लेकिन इस बार उपचुनाव के लिए भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने आजाद चुनाव लड़ने का फैसला किया. वह कांग्रेस से भी टिकट चाह रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने यहां से जिला परिषद की चेयरमैन अनुराधा राणा को टिकट दिया है.
गौरतलब है कि राम लाल मारकंडा यहां से 2017 में विधानसभा चुनाव जीते थे और भाजपा सरकार में मंत्री बने थे. लेकिन इस बार कांग्रेस के छह बागियों की वजह से उपचुनाव हो रहे हैं. इसमें लाहौल से रवि ठाकुर भी शामिल हैं. रवि ठाकुर तमाम उम्र कांग्रेसी रहे हैं. लेकिन हाल ही में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और अब उपचुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया. इसी बात से नाराज रामलाल मारकंडा ने आजाद चुनाव लड़ने का फैसला लिया था. उधर, कांग्रेस ने अनुराधा राणा को टिकट दिया है और वह पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं.







