नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। अब कांग्रेस, बीजेपी और सभी क्षेत्रीय दल छठे दौर के मतदान के लिए मैदान में हैं। एक तरफ बीजेपी का दावा है कि वह एक बार फिर सत्ता में काबिज होंगे और उन्हें 400 से ज़्यादा सीटें मिलेंगी तो वहीं इंडिया गठबंधन का कहना है कि इस बार बीजेपी सत्ता से बाहर हो रही है। पिछले चुनाव में भी ऐसे दावे किए गए थे और दोनों दलों के कई प्रत्याशी बहुत सीटों पर नजदीकी मुकाबलों में भी रहे थे।
सबसे कम अंतर वाली सीटें
मछ्लीशहर सीट: जिन सीटों पर जीत का अंतर सबसे कम रहा था उनमें मछ्लीशहर सीट सबसे ऊपर आती है। जहां बीजेपी के भोलानाथ ने बसपा के त्रिभुवन राम को मात्र 181 वोटों के अंतर से हरा दिया था।
लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान कुछ ऐसी सीटें भी थी जिनपर काफी कम मार्जिन से हार जीत तय हुई थी। इनमें रोहतक, अनंतनाग, औरंगाबाद, मेरठ, मिजोरम, मुजफ्फरनगर, खूंटी आदि सीटों को देखा जा सकता है। मुजफ्फरनगर लोकसभा में बीजेपी के संजीव बालियान ने आरएलडी के अजित सिंह को 6526 वोट से हराया था। खूंटी लोकसभा से बीजेपी के बड़े नेता अर्जुन मुंडा ने काली चरण मुंडा को 1445 वोटों से हराया था।
करीबी मुकाबलों में जीतने वालों में एनडीए के उम्मीदवारों की तादाद ज़्यादा थी। 30 में से 15 सीटों पर एनडीए की उम्मीदवार जीतकर आए थे। कांग्रेस और उसके समर्थक दल ऐसे 8 मुकाबलों में जीत कर सामने आए थे। बाकि सीटें क्षेत्रीय दलों या बसपा, एआईएमआईएम और अन्य पार्टियों के खाते में गई थीं।







