देहरादून: उत्तराखंड में पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित 39 रोपवे के निर्माण के लिए फिजिबिलिटी टेस्ट शुरू हो गया है। इनमें 16 रोपवे मानसखंड कॉरिडोर में आ रहे हैं। रोपवे बनने से राज्य में खासकर मानसखंड क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन में तेजी आने की उम्मीद है। मानसखंड कॉरिडोर को धामी सरकार मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर रही है।
हालिया कुछ समय से मानसखंड के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों के प्रति यात्रियों का रुझान बढ़ा है। बीते रोज भी पुणे से 300 से अधिक यात्रियों का दल मानसखंड के दर्शन के लिए आया है। यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार सड़क नेटवर्क के साथ रोपवे नेटवर्क पर विशेष फोकस के तहत काम कर रही है।
मानसखंड में नैनीताल में दो, अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर में दो, पिथौरागढ़ में तीन और चंपावत में दो रोपवे प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार पर्वतमाल योजना के तहत रोपवे प्रोजेक्ट के स्थान चिह्नित करने के बाद अब इनकी फिजिबिलिटी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद निर्माण का कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ शुरू कर दिया जाएगा।
मानसखंड के प्रमुख मंदिर
मानसखंड कॉरिडोर में प्रमुख रूप से श्री कैंची धाम, बाराही धाम देवीधूरा, रीठा साहिब, गोल्ज्यू मंदिर, पूर्णागिरी धाम, पिथौरागढ़ स्थित हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर, बागेश्वर में बागनाथ, बैजनाथ, कोट भ्रामरी मंदिर, अल्मोड़ा में जागेश्वर मंदिर समूह, कटारमल सूर्य मंदिर, नंदा देवी मंदिर, कसार देवी मंदिर, बिनसर महादेव, हेड़ाखान मंदिर हैं।







