नई दिल्ली। यूजीसी नेट के तीन विषयों के पेपर रद्द होने के बाद अब एनटीए ने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने पेपर तैयार करने से लेकर मॉडरेशन, अनुवाद और प्रिंटिंग से जुड़ी अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि आगे गलतियां न हो. साथ ही जिन स्तराें पर लापरवाही हुई है, उनकी जिम्मेदारी भी तय करने की बात कही गई है.
आपको बता दें कि यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्रों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कई शिकायत के सामने आई. जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने तीनों पेपर में कई तरह की खामियां पाई, जिसके बाद एनटीए ने तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने का फैसला किया है.
पेपर तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग तक समीक्षा
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एनटीए प्रश्न पत्र तैयार करने और उसकी मॉडरेशन प्रक्रिया, अनुवाद और प्रिंटिंग से जुड़े पूरे सिस्टम के समीक्षा कर रहा है. इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा निष्पक्ष बनाना है. सूत्रों के अनुसार, जिन स्तरों पर लापरवाही सामने आई है, वहां जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी. यानी सिर्फ परीक्षा दोबारा कराने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेपर तैयार होने की पूरी प्रक्रिया में कहां कमी रह गई, इसकी भी समीक्षा की जा रही है.
एनटीए अधिकारी ने कहा सफाई बहुत जरूरी
यूजीसी नेट के तीन पेपर रद्द किए जाने के बाद जब यह सवाल उठा की एनटीए में बार-बार इस तरह की गड़बड़ियां क्यों सामने आ रही है. इसे लेकर एनटीए के एक अधिकारी ने कहा कि एनटीए में इस समय सफाई बहुत जरूरी है. एनडीए अधिकारी के अनुसार जिस तरह दिवाली की सफाई की जाती है, उसी तरह एनटीए में भी सफाई की जारी है. एनटीए के अधिकारियों के अनुसार, यूजीसी नेट के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर में कई गलती और गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी.
इन शिकायतों की जांच के लिए NTA ने एक कमेटी बनाई. कमेटी ने तीनों विषयों के पेपर में गड़बड़ियां पाई. जांच में कमेटी ने यह भी पाया कि पिछले एग्जाम में पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा प्रश्न पत्र में शामिल किए गए. इन सभी कमियों को देखते हुए कमेटी ने परीक्षा के तीनों विषयों का पेपर दोबारा कराने की सिफारिश की.
परीक्षा में पूछे गए 24,700 से ज्यादा सवाल
एनटीए ने UGC NET, CSIR NET और ICAR से जुड़ी परीक्षा कुल 184 विषयों में आयोजित की थी. इन परीक्षाओं में करीब 24,700 अलग-अलग सवाल पूछे गए. उनके लिए 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 8 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं यूजीसी नेट की बात करें तो यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित हुई थी. इनमें से 84 विषयों की आंसर की जारी की जा चुकी है.
अब तीन विषयों के री-एग्जाम साथ एनटीए का फोकस प्रक्रिया में सामने आई कमियों को दूर करने पर हैं. इसके अलावा एनटीए के अनुसार यूजीसी नेट के 84 विषयों, CSIR NET के सभी पांच विषयों और ICAR के 92 विषयों के पेपर में कोई बड़ी समस्या नहीं मिली. जिसके बाद उनकी आंसर की भी जारी कर दी गई है.
रि-एग्जाम से नहीं होगी सीटों की संख्या कम
तीनों प्रभावित विषयों के उम्मीदवारों के लिए भी एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के कारण क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या या इन विषयों में सीटों के आवंटन में कमी नहीं की जाएगी. JRF असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी पात्रता से जुड़ी प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी.







