Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

27 साल बाद यहां अकेले मैदान में बीजेपी, चला त्रिकोणीय दांव

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 28, 2024
in राजनीति, राज्य
A A
nda
18
SHARES
588
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर अंतिम चरण में एक जून को वोटिंग होनी है. इस बार पंजाब में चुनावी मुकाबला चार कोणीय नजर आ रहा है. पंजाब में इस बार कोई गठबंधन नहीं है. तीन दशक के बाद बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल एक दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं. दिल्ली-गुजरात, हरियाणा, गोवा में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब ने आमने-सामने ताल ठोक रखी है. पंजाब में बीजेपी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीन लोकसभा सीट जीतने का ही रहा है, लेकिन पहली बार 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी दलबदलुओं के दम पर तीन सीट का बैरियर 2024 में तोड़ने में सफल हो पाएगी?

पंजाब में बीजेपी पहली बार अपने बूते चुनाव लड़ रही है. अब तक बीजेपी अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 2 सीटें जीती थी. इस बार सभी 13 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार हैं. बीजेपी यहां पीएम मोदी के नाम के सहारे मैदान में है. बीजेपी ने पंजाब की 13 में से तीन सीटों- गुरदासपुर, होशियारपुर और आनंदपुर साहिब सीट पर अपने कैडर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि बाकी सीटों पर दूसरे दलों से आए हुए नेताओं पर दांव खेला है. बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में पंजाब से बहुत उम्मीदें पाल रखी हैं.

इन्हें भी पढ़े

CM Dhami

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर CM धामी ने किया योग, कहा-‘यह मन, बुद्धि और आत्मा को जोड़ता है’

June 21, 2026
ram mandir

अयोध्या धाम का कायाकल्प, अब श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

June 21, 2026
amit shah

भारत कोई धर्मशाला नहीं, घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाला जाएगा: अमित शाह

June 20, 2026
भू-माफिया

न मुकदमा न जांच, हरिद्वार जमीन घोटाले में अभी कई राज

June 20, 2026
Load More

पंजाब में हिंदू वोटों पर बीजेपी की उम्मीद

अकाली दल के साथ नाता टूटने के बाद बीजेपी की उम्मीदें पंजाब में हिंदू समुदाय के वोट बैंक पर है. सूबे में करीब 39 फीसदी हिंदू वोटर हैं. राजनीति का चुनावी खेल बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखते हैं. इस बार के चुनाव में तय हो जाएगा कि बीजेपी को क्या इसका लाभ मिलता है नहीं. इसलिए बीजेपी ने अकाली दल को इस बार दूर रखा ताकि 39 फीसदी वोट को अपनी तरफ ला सके. हालांकि, 2022 के चुनाव में बीजेपी सिर्फ 6.6 फीसदी वोट पर आकर अटक गई थी और दो सीटें ही जीत सकी थी. इसके बाद भी बीजेपी अकेले चुनावी मैदान में फिर से उतरी है. बीजेपी नेताओं को उम्मीद है कि शिरोमणि अकाली दल से अलगाव के बाद हिंदुओं के वोट कांग्रेस की बजाए बीजेपी को ही मिलेंगे.

सिख वोटों की कवायद में पीएम मोदी

पंजाब में बीजेपी इस बार दो चुनौतियों को लेकर मैदान में है, एक तो हिंदुओं की वोट को पार्टी की तरफ किया जाए, वहीं सिखों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए. अकाली दल के साथ गठबंधन में रहने के चलते बीजेपी खुद को गुरदासपुर, होशियारपुर और अमृतसर लोकसभा सीट तक सीमित रखे हुए थी. 1998 से 2004 तक इन तीनों सीटों को बीजेपी जीतने में कामयाब रही थी, लेकिन पिछले दो चुनाव से अमृतसर सीट हार रही है. नवजोत सिंह सिद्धू के बीजेपी छोड़कर जाने के बाद से पार्टी के पास कोई बड़ा सिख नेता नहीं है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ही सिख समुदाय के बीच विश्वास बढ़ाने में जुटे हैं. पीएम मोदी पटना साहिब में अभी हाल में लंगर खिलाते हुए नजर आए थे. पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए उतरे तो पीएम मोदी सिख पगड़ी पहने नजर आए थे. इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने सिखों को पार्टी में शामिल कर टिकट भी दिया.

पंजाब में लंबे समय तक गठबंधन में रहने से बीजेपी यहां अपना संगठन मजबूत करने पर ध्यान नहीं दे पाई. साथ ही पार्टी अपने सिख नेता को भी तैयार नहीं कर पाई थी. हालांकि, इसकी भरपाई के लिए बीजेपी ने दूसरी पार्टी के कई बड़े सिख नेताओं को पार्टी में शामिल कराया ही नहीं बल्कि उन्हें उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का दांव चला है. इतना ही नहीं कांग्रेस छोड़कर आए सुनील जाखड़ को पंजाब की कमान बीजेपी ने सौंप रखी है, जो जाट नेता कहलाते हैं. इसके अलावा कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी बीजेपी ने अपने साथ मिला लिया है.

बीजेपी ने चार बार कांग्रेस की सांसद रहीं परनीत कौर को पटियाला से मैदान में उतारा है, जो पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं. पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते व तीन बार लगातार सांसद रहे रवनीत सिंह बिट्टू को लुधियाना से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है, जो कांग्रेस से आए हैं. जालंधर सीट से सुशील कुमार रिंकू को टिकट दिया है, जो आम आदमी पार्टी के एकमात्र लोकसभा सदस्य थे और टिकट मिलने के बाद भी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो गए. बीजेपी ने चुनावों के ऐन पहले अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को भी पार्टी में शामिल कराया और अमृतसर से प्रत्याशी बनाया है. तरनजीत सिंह सिंधू के दादा तेजा सिंह समुंदरी सिखों के बड़े नेता हुआ करते थे.

पंजाब में बीजेपी का ज्यादा आधार शहरी क्षेत्र तक था, लेकिन दूसरे दलों से आए नेताओं का सियासी आधार ग्रामीण क्षेत्रों में भी है. इस तरह बीजेपी को दूसरे दलों से आए नेताओं की बदौलत इस बार करिश्माई प्रदर्शन करने की उम्मीद में है. बीजेपी ने पंजाब में कभी तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था आज 13 सीटों पर चुनावी किस्मत आजमा रही है. ऐसे में लोकसभा क्षेत्रों को तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है. इसी के आधार पर पार्टी ने अपनी रणनीति तय की है. पार्टी ने ए श्रेणी में उन सीटों को रखा है, जहां पर उसे जीत की ज्यादा उम्मीद है. बीजेपी ए श्रेणी में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर और पटियाला सीट को शामिल कर रखा है. इसके बाद बी श्रेणी में श्री आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, बठिंडा को रखा गया है, जहां पर उसे लड़ाई की उम्मीद है, जबकि खडूर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर और फरीदकोट को पार्टी ने फिलहाल सी श्रेणी में रखा है.

बीजेपी को इनसे हैं उम्मीदें

बीजेपी गठबंधन में रहते हुए अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर की सीट पर चुनाव लड़ती थी. इन सभी सीटों पर तो भाजपा अपना फोकस कर रही है. साथ ही लुधियाना जहां पर कांग्रेस से भाजपा में आए तीन बार के सांसद रवनीत बिट्टू, जालंधर में आप से आए सांसद सुशील रिंकू और पटियाला में कांग्रेस से आईं चार बार की सांसद परनीत कौर से भी उम्मीदें है. इन सीटों पर हिंदू वोटर भी बड़ी संख्या में है, जहां पर बीजेपी सिख और हिंदू वोटों के समीकरण के सहारे जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं. पंजाब में इस बार 13 सीटों पर चतुष्कोणीय मुकाबले हैं, लेकिन पांच सीटें ऐसी हैं जहां बसपा के मजबूत कैंडिडेट और कद्दावर निर्दलीयों के उतरने से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है. ऐसे में बहुकोणीय मुकाबले में बीजेपी को अपने फायदा होने की उम्मीद नजर आ रही है. देखना है कि बीजेपी क्या पंजाब में तीन सीटों से आगे बढ़ पाएगी?

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

सरखेत आपदा के पुनर्वास की समीक्षा बैठक

January 12, 2023
neta

सत्य और सत्य की समझ

July 7, 2024
Joshimath disaster

जोशीमठ में तबाही के संकेत!

February 26, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • अब बिना टिकट सफर करना पड़ेगा भारी, रेलवे ने बदले नियम
  • चीन की दादागिरी खत्म करने का मास्टरप्लान, रूस संग ये डील है गेमचेंजर!
  • पीएम मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, जानिए इनकी खासियत?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.