लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी ‘VIP संस्कृति’ के तहत काम नहीं करना चाहिए. उत्तर प्रदेश सरकार के एक बयान में आदित्यनाथ द्वारा अपने मंत्रिपरिषद की विशेष बैठक में दिए गए बयान के हवाले से कहा गया है, ‘हम सभी को सतर्क और सावधान रहना होगा ताकि हमारी कोई भी गतिविधि वीआईपी संस्कृति को प्रतिबिंबित न करे.’
अपने मंत्रियों को ‘संवाद, समन्वय, संवेदनाशीलता’ का मंत्र देते हुए भाजपा नेता ने उन्हें नियमित रूप से लोगों के बीच जाने और उनके बीच रहने का निर्देश भी दिया. उन्होंने कहा, ‘सरकार जनता के लिए है और जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है. समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समस्याओं, अपेक्षाओं और जरूरतों का समाधान किया जाना चाहिए.’
जन सुनवाई करें
सीएम आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘जन सुनवाई को प्राथमिकता देना, आम आदमी की संतुष्टि और राज्य की प्रगति, यूपी सरकार के सभी लोक कल्याणकारी प्रयासों के मूल में है.’
मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में केंद्र में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को भी बधाई दी. हालांकि, भगवा पार्टी ने देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य ( 543 सीटों वाली लोकसभा में सबसे अधिक 80 सदस्य की सीट) उत्तर प्रदेश में खराब प्रदर्शन किया. पार्टी ने केवल 33 सीटें जीतीं, जो 2014 में 71 और 2019 में 62 से कम है. दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने 43 (37+6) सीटें जीतीं.







