Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home लाइफस्टाइल

लैपटॉप, मोबाइल पर बिताते हैं खूब वक्त तो हो जाएं सावधान…

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 12, 2024
in लाइफस्टाइल
A A
Laptop
19
SHARES
633
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली : इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग दिमाग की वायरिंग को बदल सकता है। इससे किशोरों में नशे की लत लगने की संभावना बढ़ जाती है। पीएलओएस मेंटल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया स्टडी में यह बात सामने आई है। स्टडी किशोरों के मस्तिष्क पर इंटरनेट की लत के प्रभाव पर रोशनी डालता है। यह दर्शाता है कि इंटरनेट की लत मस्तिष्क के कई न्यूरॉन नेटवर्क में शामिल क्षेत्रों में बाधित सिग्नलिंग से जुड़ी है। ये न्यूरॉन नेटवर्क संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली (Cognitive Functioning) और बिहेवियर रेगुलेशन के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों ने युवा लोगों के मस्तिष्क पर इंटरनेट की लत के प्रभाव के न्यूरोइमेजिंग स्टडी की समीक्षा की।

इंटरनेट यूज पर नजर रखना जरूरी

इन्हें भी पढ़े

Paan Sherbet

मिनटों में खाना पचाता है पान का शरबत, जानें कैसे बनाएं?

March 25, 2026
shiny teeth

रोज की 5 आदतें जो चुपचाप पहुंचा रहीं दांतों को नुकसान!

March 24, 2026
chia seeds

गर्मी में चिया और सब्जा सीड्स से मिलते हैं ढेरों फायदे, खाने में न करें ये एक गलती

March 22, 2026
aloo ki vrat wali namkeen

आलू से व्रत वाली नमकीन कैसे बनाएं?, जानिए आसान तरीका

March 19, 2026
Load More

डॉक्टरों के अनुसार, निष्कर्ष किशोरों में इंटरनेट की लत के संभावित जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर करते हैं। जैसे-जैसे डिजिटल युग विकसित होता जा रहा है, माता-पिता, शिक्षकों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के लिए युवा लोगों में अत्यधिक इंटरनेट उपयोग के मुद्दे पर नजर रखना और उसका समाधान करना आवश्यक है। फोर्टिस गुड़गांव में न्यूरोलॉजी के प्रमुख निदेशक डॉ. प्रवीण गुप्ता ने कहा कि इंटरनेट की लत न्यूरॉन्स के बीच कार्यात्मक और प्रभावी कनेक्टिविटी में बदलाव लाती है। यह कुछ सिनैप्टिक कनेक्शनों में अति सक्रियता और दूसरों में कम सक्रियता का कारण बनता है। यह विशेष रूप से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और एंटीरियर सिंगुलेट गाइरस में प्रभाव डालती है। इस तरह यह व्यवधान ध्यान, स्मृति और व्यवहार से जुड़े नेटवर्क को प्रभावित करता है।

ब्रेन के हिस्से पर असर

नेटवर्क की भूमिका के बारे में बताते हुए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार साइकैट्रिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. अचल भगत ने कहा कि मस्तिष्क में कई न्यूरल नेटवर्क होते हैं। इनमें से प्रत्येक में कार्यात्मक रूप से जुड़े क्षेत्र होते हैं जो लगातार जानकारी साझा करते हैं। ये नेटवर्क ध्यान, बौद्धिक क्षमता, कार्यशील स्मृति, शारीरिक समन्वय और भावनात्मक प्रोसेसिंग को कंट्रोल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. दिनिका आनंद के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन (सामग्री) की लत लग जाती है, तो उसके मस्तिष्क के कुछ निश्चित मार्ग पूरी ऊर्जा प्राप्त करेंगे और हमेशा उपयोग में रहेंगे। ऐसे में निश्चित रूप से यह उपयोग कुछ अन्य मार्गों के हानि का कारण बनेगा।

ऑनलाइन पैटर्न को तोड़ना जरूरी

मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डॉ. विपुल रस्तोगी के अनुसार, इंटरनेट की लत से मुक्त होने के लिए ऑनलाइन आनंद की तलाश के बढ़ते पैटर्न को बाधित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज लत को बाधित करने और डोपामाइन संतुलन को बहाल करने की शक्ति रखते हैं। एक अलग तरह का डेली रूटीन बनाना फायदेमंद हो सकता है। डॉ. रस्तोगी ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे परिवार का एक मिलकर प्रयास भी अत्यधिक प्रभावी है। एक साथ काम करके और एक-दूसरे का समर्थन करके, लोग अत्यधिक इंटरनेट यूज के चक्र को सफलतापूर्वक तोड़ सकते हैं।

डिजिटल डिटॉक्स जरूरी

नारायण अस्पताल में न्यूरोसाइंस के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. उत्कर्ष भगत ने कहा कि ऑनलाइन व्यवहार पैटर्न को संशोधित करने की दिशा में एक दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ‘डिजिटल डिटॉक्स’ में शामिल होना किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को पुनर्जीवित और तरोताजा करने के लिए एक प्रभावी रणनीति के रूप में काम कर सकता है। डिजिटल दुनिया की निरंतर उत्तेजनाओं और विकर्षणों से अस्थायी रूप से अलग होकर, लोग आत्मनिरीक्षण, रिलैक्स और फिजिकल वातावरण और सामाजिक संपर्कों के साथ फिर से जुड़ने के लिए जगह बना सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

कानूनी लड़ाई में क्यों पिछड़ी कांग्रेस?

April 4, 2023
WCL

WCL में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का हुआ शुभारंभ

October 28, 2024

ब्रिटिश चुनाव में ऋषि की अग्निपरीक्षा!

June 22, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • हैदराबाद : श्री राम नवमी पर हुई 9 दिवसीय श्री राम कथा की भव्य पूर्णाहुति, सूर्य तिलक बना आकर्षण
  • होर्मुज स्‍ट्रेट खुलवाने को भारत और फ्रांस आए एक साथ, मानेगा ईरान?
  • पश्चिम एशिया संकट के बीच फुल एक्शन में केंद्र सरकार!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.