नई दिल्ली: कथित शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को ईडी के द्वारा गिरफ्तार किए गए केजरीवाल को सीबीआई ने बुधवार को राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में पेश करने के बाद पूछताछ की अनुमति मांगी और फिर गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने कोर्ट को केजरीवाल की गिरफ्तारी की सूचना देते हुए उनके खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया।
सीबीआई के वकील डीपी सिंह ने स्पेशल जज अमिताभ रावत की बेंच के सामने कहा , ‘हमारे पास उस व्यक्ति का बयान है जिन्होंने दिल्ली आबकारी नीति के संबंध में केजरीवाल से मुलाकात की। यह नीति के निर्माण से पहले हुआ। इस संबंध में हमारे पास मंगुटा रेट्टी का बयान है।’ सिंह ने कोर्ट को केजरीवाल के खिलाफ सीबीआई के पास मौजूद सबूतों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि साउथ ग्रुप ने कहा कि नीति इस तरह की होनी चाहिए। सिंह ने कहा, ‘साउथ ग्रुप कोविड के दौरान निजी विमान से दिल्ली आया जब विमानों का संचालन बंद था।’ सीबीआई ने कहा कि यदि आप घटनाक्रम को देखें तो पता चलता है कि कितनी तेजी से नोटिफिकेशन जारी किया गया और यह तब हुआ जब कोरोना महामारी थी। सीबीआई ने कहा कि इस मामले में सबसे शीर्ष पर मुख्यमंत्री थे।
सीबीआई ने कहा कि नीति के निर्माण में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अफसरों ने कहा था कि शराब कारोबार का निजीकरण ना किया जाए। इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या रिपोर्ट को मंत्रालय भेजा गया और बदल दिया गया? सीबीआई ने जवाब दिया, ‘नहीं, उन्होंने जनता से राय लेने की बात कही। लेकिन हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि कमेंट आम आदमी पार्टी के सदस्यों से कराया गया।’ सीबीआई के वकील ने दावा किया कि जो रिपोर्ट साउथ ग्रुप ने तैयार की थी और सरकार को दी थी उसे ही नीति बना दिया गया। उन्होंने कहा, ‘प्रॉफिट मार्जि को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया। कुछ ऐसे वेंडर्स थे जिन्हें शामिल होने की अनुमति नहीं थीत लेकिन कुछ बदलाव के बाद उन्हें अनुमति दे दी गई।’
कोर्ट ने सीबीआई से पूछा कि आरोपी (केजरीवाल) के खिलाफ क्या सामग्री है? इस पर जांच एजेंसी के वकील ने केजरीवाल और मंगुटा की मुलाकात का जिक्र किया। साथ ही कहा कि विजय नायर उनका करीबी था। सीबीआई ने कहा, ‘मंगुटा श्रीनिवास रेड्डी सांसद हैं और साउथ ग्रुप में बड़े खिलाड़ी हैं। उन्होंने केजरीवाल से दिल्ली सचिवालय में मुलाकात की और शराब कारोबार में मदद मांगी। केजरीवाल ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और उनसे आम आदमी पार्टी के लिए पैसे मांगे।’
कोर्ट ने पूछा इसका क्या सबूत है? इस पर सीबीआई ने कहा कि मंगुटा श्रीनिवास गवाह है। उसे के कविता से मिलने को कहा गया था। 19 मार्च को के कविता ने मंगुटा रेड्डी से संपर्क किया और मिलने को कहा। केजरीवाल ने उन्हें के कविता से मिलने को कहा था। वह मिले तो कविता ने 15 करोड़ रुपए की मांग की।’ सीबीआई ने दावा किया कि यह सब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सहमित से किया गया। सीबीआई ने कहा कि केजरीवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। सीबीआई ने कहा, ‘हम उनके सामने दस्तावेज रखकर पूछताछ करना चाहते हैं।’
कोर्ट ने सीबीआई से यह भी सवाल किया कि आपने अभी क्यों गिरफ्तार किया? जांच एजेंसी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट चुनाव की वजह से अंतरिम जमानत पर विचार कर रहा था। हमने संयम रखा और चुनाव की वजह से गिरफ्तार नहीं किया।’
केजरीवाल के वकील ने क्या कहा?
केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विक्रम चौधरी ने गिरफ्तारी की टाइमिंग और आवश्यकता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर अचानक गिरफ्तारी की आवश्यकता क्यों हुई? उन्होंने मंगुटा रेड्डी की गवाही पर भी प्रश्नचिह्न लगाए और कहा कि वह अब भाजपा के गठबंधन साथी बन गए हैं। उन्होंने कहा कहा कि बयानों के तारीख भी नहीं बताए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
चौधरी ने कहा, ‘स्पेशल कोर्ट ने मुझे 20 तारीख को जमानत दे दी। आपने कब मुझे आरोपी बनाया। 160 सीआरपीसी से एक आरोपी तक? यह कैसे बदला। यह कुछ नहीं बताया गया है। अब आपको मेरी क्या जरूरत है? आप किस बात का इंतजार कर रहे थे? वे मुझे हिरासत में देखना चाहते हैं। क्या एजेंसी स्वतंत्र है?’







