नई दिल्ली: दिल्ली सरकार अपनी डोरस्टेप डिलीवरी सेवा योजना को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना को 1076 हेल्पलाइन को संचालित करने वाली एजेंसियों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद रोक दिया गया था। दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने जानकारी दी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना शीघ्र बहाल होगी और वरिष्ठ नागरिकों को पुरी एवं तिरुपति की यात्रा कराई जाएगी।
डोरस्टेप डिलीवरी सेवा योजना के तहत, दिल्लीवासी टोल-फ्री नंबर 1076 पर डायल करके ‘मोबाइल सहायक’ द्वारा घर-घर जाकर सेवा बुक करके विभिन्न विभागों में दिल्ली सरकार की सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी का लाभ उठा सकते हैं।
मंत्री कैलाश गहलोत ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों को अन्य एजेंसियों को शामिल करके हेल्पलाइन को फिर से शुरू करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना को कैबिनेट ने विस्तार दिया है।
इस योजना के तहत, एक ‘मोबाइल सहायक’ आवेदकों के घर जाता है, सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र करता है और अपलोड करता है और फिर उसे संबंधित विभाग को सौंप देता है। आवेदकों से आवेदन जमा करने के लिए 50 रुपये का शुल्क लिया जाता है।
आवेदकों से किसी भी शिकायत को प्राप्त करने और उसका समाधान करने के लिए एक केंद्रीकृत कॉल सेंटर स्थापित किया गया है।
गौरतलब है कि, अरविंद केजरीवाल सरकार ने सितंबर 2018 में डोरस्टेप डिलीवरी योजना शुरू की थी, ताकि लोगों को विभिन्न विभागों के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता न पड़े और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जो उन्हें लूटते थे। शुरुआत में इस योजना के तहत 30 सेवाएं दी गईं और धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाकर 100 तक कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, सरकार अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर 200 सेवाएं करने की योजना बना रही है।
वृद्धों के लिए दिल्ली सरकार की तीर्थयात्रा योजना शीघ्र बहाल होगी
इसके साथ ही दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना शीघ्र बहाल होगी और वरिष्ठ नागरिकों को पुरी एवं तिरुपति की यात्रा कराई जाएगी। अधिकारियों ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना लोकसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण रोक दी गई थी। दिल्ली सरकार की तीर्थ यात्रा विकास समिति द्वारा संचालित इस योजना में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को एक-एक सहायक के साथ देशभर में मुफ्त तीर्थयात्रा पर भेजा जाता है।
तीर्थ यात्रा विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल ने कहा, ‘‘यह योजना आदर्श आचार संहिता के कारण अवरुद्ध हुई थी। पुरी और तिरुपति के लिए विशेष ट्रेन के साथ जुलाई के आखिरी सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में यात्रा के बहाल होने की संभावना है।’’
उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से शुरू हो रहे पवित्र श्रावण मास के दौरान पुरी की जगन्नाथ मंदिर जाने की भारी मांग है। बंसल ने कहा कि तीर्थयात्रियों को विभिन्न स्थानों पर भेजने की तैयारी रेलवे के साथ तालमेल बिठाकर शुरू कर दी गई है। यह योजना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने 2019 में शुरू की थी।







