नई दिल्ली: दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में वीडियो कॉल पर अश्लील बातें कर लोगों से पैसे ऐंठने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गैंग के सरगना और 6 लड़कियों को गिरफ्तार किया है। पूरा रैकेट राजेंद्र नगर इलाके में एक किराए के मकान में चल रहा था।
पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ प्रतिबंधित खिलौने बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया है कि नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं को गैंग का मास्टरमाइंड मोटी सैलरी का लालच देकर जाल में फंसाता था और फिर उन्ळें इ काम में धकेल दिया जाता था। मास्टरमाइंड की पहचान रविंद्र के रूप में हुई है वो गाजियाबाद के ही राजबाग इलाके में रहता था।
16 हजार 500 रुपए किराए का फ्लैट और 9वीं पास लड़कियों की गंदी बातें
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि राजेंद्र नगर सेक्टर 3 में उसने एक फ्लैट अप्रैल महीने में किराये पर लिया था। फ्लैट का किराया 16, 500 रुपए था। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान पकड़ी गईं युवतियां 9वीं से लेकर एमए तक पढ़ी लिखी है। एक महिला ने एमए किया हुआ है तो युवती बीकॉम की पढ़ाई कर रही है।
वहीं एक युवती 12वीं पास है तो दूसरी युवती 9वीं पास है। युवतियों से पूछताछ में पता चला है कि सरगना रविद्र ने उन सभी को 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कहकर नौकरी पर रखा था। वहीं रविंद्र वाहन इंश्योरेंस, एआरटीओ कार्यालय से डीएल और अन्य कागज बनवाने का काम भी करता है।
ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़
राज नगर एक्सटेंशन की एक महिला द्वारा शुक्रवार देर रात शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचने के बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली। उन्होंने बताया कि अपनी लिखित शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उसने एक ऑनलाइन नौकरी के लिए आवेदन किया था और 1 जुलाई को उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था, जिस दौरान खुद को नियोक्ता बताने वाले रविंद्र कुमार ने उसे फाइनेंस एडवाइजर की नौकरी का ऑफर दिया।
महिला को 4 जुलाई को उक्त किराए के फ्लैट में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। वहां जाने पर उसे नौकरी के लिए कहा गया, जिसमें कैमरों के सामने अपने कपड़े उतारने और ग्राहकों से चैट करने की बात कही गई। उसने बताया कि वहां उसने पांच से छह महिलाओं को ऑनलाइन ऐसा करते देखा। वह किसी तरह फ्लैट से बाहर निकली। हालांकि, फ्लैट में मौजूद लोगों ने उसे धमकाया और यहां तक कि तेजाब से उसका चेहरा खराब करने की धमकी भी दी।
शालीमार गार्डन सर्किल के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सिद्धार्थ गौतम ने कहा, “हमने उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की और महिला अधिकारियों सहित एक विशेष टीम को उक्त फ्लैट पर भेजा।” पुलिस ने 12 जुलाई को शालीमार गार्डन थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 56 (अपराध के लिए उकसाना), 79 (महिला की शील भंग करना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (जानबूझकर अपमान) के तहत प्राथमिकी दर्ज की।







