नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आखिरी चरण में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी आरक्षण के कोटे में कोटे पर फैसले पर सियासत गरमा गई है। इस बीच केंद्र सरकार वक्फ एक्ट में संशोधन की तैयारी में है। यदि यह संशोधन विधेयक संसद में पेश किया गया तो इस पर घमासान मचना तय है।
दरअसल, केंद्र सरकार इस हफ्ते संसद में वक्फ बोर्ड की शक्तियों और उसकी कार्यप्रणाली में संशोधन से संबधित विधेयक लाने की तैयारी में है। विधेयक को कैबिनेट में मंजूरी भी दी है। इस विधेयक को लेकर इंडिया गठबंधन के विरोध करने की तैयारी है, साथ ही एनडीए में शामिल टीडीपी और जेडीयू के रुख पर भी सबकी नजर रहेगी। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी आरक्षण के फैसले के विरोध में एससी-एसटी सांसद और संगठन विरोध में सामने आने लगे हैं। इस मामले को आरक्षित वर्ग के कुछ सांसद सदन में उठाने की तैयारी में है। एनडीए में शामिल मंत्री चिराग पासवान भी खुलकर फैसले का विरोध कर चुके हैं।
वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने के प्रस्ताव
ऐसा बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार संसद में संशोधन से जुड़ा जो बिल पेश करने की तैयारी में है उसमें करीब 40 बदलावों का प्रस्ताव है। इसमें खास तौर पर वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करना है। साथ ही बोर्ड की संरचना में परिवर्तन किया जा सकता है। किसी भी भूमि को वक्फ की संपत्ति घोषित करने से पहले उसका सत्यापन सुनिश्चित जरूर किया जाना चाहिए।







