नई दिल्ली: कब्ज एक ऐसी समस्या है जिसमें मल त्यागने में परेशानी होती है. अगर व्यक्ति सप्ताह में चार बार से कम मल त्याग करता है या मल त्यागने में बहुत जोर लगाना पड़ता है तो इसे कब्ज कहा जाता है. कब्ज तब होता है जब मल बड़ी आंत से सही तरीके पास नहीं हो पाता है. ऐसे में मल धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, तो शरीर मल से अधिक पानी सोख लेता है, जिससे मल सख्त, सूखा और त्यागने में कठिन हो जाता है. कब्ज की समस्या अब काफी आम होती जा रही है, लेकिन ये कई बीमारियों का कारण भी बन सकती है,
कब्ज की वजह से पेट में भारीपन महसूस होता है. इससे भूख भी सही तरीके से नहीं लगती है. कुछ लोगों को कब्ज की वजह से मल में खून भी नजर आ सकता है, जो कि गंभीर समस्या का कारण बन सकता है . कुछ मामलों में कब्ज के कारण उल्टी भी हो सकती है. कब्ज से मोटापा भी बढ़ता है.
कब्ज के कारण वजन क्यों बढ़ जाता है?
एम्स दिल्ली में गैस्ट्रोलॉजी विभाग के पूर्व रेजिडेंट डॉ अन्नया गुप्ता बताते हैं कीकब्ज के कारण लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं. ऐसा इसलसिए क्योंकि कब्ज की वजह से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीरे होने लगता है. इस कारण शरीर में फैट जमा होने लगता है, लगातार फैट के जमने से वजन बढ़ सकता है.
कब्ज से पीड़ित लोगों को कभी कम भूख तो कभी अचानक ज्यादा भूख लग सकती है. इस कारण ये लोग गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल को अपनाते हैं, इसके कारण भी वजन बढ़ने का खतरा रहता है.
क्यों होता है कब्ज
- डाइट में फाइबर की कमी भी कब्ज का एक विशेष कारण है.
- एक्सरसाइज न करना भी कब्ज और वजन बढ़ने के बीच का एक प्रमुख कारण है.
- पानी कम पीना
- पर्याप्त नींद न लेना भी वजन बढ़ने के कारणों में शामिल है.
किन बीमारियों का खतरा
- लिवर डिजीज
- आतों का कैंसर
- पेट में इंफेक्शन
- आईबीएस
कैसे करें बचाव?
- लिक्विड इनटेक बढ़ाएं.
- तरबूज और अनानास जैसे ज्यादा पानी वाले फलों का सेवन करें.
- दलिया, केला, सेब और गोभी जैसे फाइबर युक्त फूड्स खाएं.
- रोज़ाना एक्सरसाइज जरूर करें.
- नॉनवेज फूड्स की जगह दालों का सेवन करें.
- पर्याप्त नींद लें.







