नई दिल्ली। मेरठ की निजी सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक को हनीट्रैप में फंसाकर दस लाख की रंगदारी मांगी गई। महिला के साथ अश्लील फोटो क्लिक किये। तीन आरोपित खुद को सीबीआई व एसओजी से बताते हुए कमरे में दाखिल हुए और पीड़ित को बंधक बना लिया।
इसके बाद तीन घंटे तक कार में बंधक बनाकर उन्हें बुरी तरह पीटा। 45 हजार नकद लूट लिए। दस लाख नहीं देने पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दो अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
नौकरी के लिए आई थी महिला
मेरठ जिले के टीपीनगर थाना क्षेत्र की शिव हरी कॉलोनी के प्रमोद कुमार की टाईगर सिक्योरिटी ग्रुप मेरठ नाम से सुरक्षा एजेंसी हैं। उनके यहां 26 सितंबर को महिला आरती निवासी सीकरी खुर्द मोदीनगर नौकरी के लिए आई। नौकरी की बात फाइनल हो गई, लेकिन उनके पास आधार कार्ड नहीं था। इसलिए उन्होंने प्रमोद से कहा कि जब वे मोदीनगर की तरफ आए तो आधार कार्ड दिला देगी।
दो सितंबर को प्रमोद मोदीनगर आए तो आरती ने उन्हें अपने घर निवाड़ी रोड पर बुला लिया। जैसे ही प्रमोद घर में पहुंचे तो आरती नग्न अवस्था में थी। इसी बीच चार आरोपित अंदर आए और खुद को सीबीआई व एसओजी से बताने लगे। उनके फोटो क्लिक कर लिए।
आरोपितों ने प्रमोद को कार में बैठा लिया
इसके बाद आरती को वहीं पर छोड़कर आरोपितों ने प्रमोद को कार में बैठा लिया। निवाड़ी से होते हुए वे प्रमोद को हरनंदी की तरफ ले गए। रास्ते में उन्हें बुरी तरह पीटा। 45 हजार रुपये लूट लिए। एक हफ्ते में यदि दस लाख नहीं दिए तो अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी।
इसके बाद पाइपलाइन मार्ग पर छोड़कर भाग गए। पीड़ित ने आरोपितों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शुक्रवार को घटना का पर्दाफाश कर दिया। पांच आरोपित आरती, मेहराजुद्दीन, युसुफ, वसी मोहम्मद व अज्ञात ने वारदात को अंजाम दिया। घटना का मास्टमाइंड मेहराजुद्दीन व युसुफ हैं। दोनों मेरठ जिले के धौलड़ी के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरती, मेहराजुद्दीन व वसी को गिरफ्तार किया है। युसुफ व उसका साथी फिलहाल फरार हैं।







