Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

बीजेपी-कांग्रेस दोनों के लिए क्यों अहम थे हरियाणा चुनाव

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
October 9, 2024
in राजनीति, राज्य
A A
BJP and Congress
17
SHARES
565
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भाजपा को फिर से संजीवनी प्रदान की है। हरियाणा में जहां शानदार बहुमत से भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, वहीं जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा की सीटें बढ़ी हैं। हरियाणा में सत्ता की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन के साथ मिली जीत भर से ही संतोष करना पड़ा।

कांग्रेस की अपनी चूक ले गई सत्ता से दूर

इन्हें भी पढ़े

भू-माफिया

हरिद्वार : 13 करोड़ की जमीन 54 करोड़ में खरीदी…कैसे 2 IAS अफसरों ने रचा पूरा खेल?

June 19, 2026
Sunil Grover

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर नजर आए कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सादगी भरे अंदाज ने जीता लोगों का दिल

June 19, 2026
new parliament

विपक्ष में बगावत से बदला संसद का समीकरण, संविधान संशोधन और परिसीमन बिल पास कराने के करीब पहुंचा एनडीए

June 18, 2026
shivraj

देश के लिए तरक्की की राह खोलेगा वन नेशन वन इलेक्शन, शिवराज सिंह चौहान का दावा

June 18, 2026
Load More

लोकसभा चुनाव में भाजपा के 240 पर अटक जाने और कांग्रेस की सीटें 99 तक पहुंचने के बाद यह माना जा रहा था कि देश की राजनीतिक हवा का रुख बदल रहा है। कांग्रेस पर जनता का भरोसा वापस लौट रहा है। राजनीतिक जानकार मान रहे थे कि यह रुझान विधानसभा चुनावों में भी दिख सकता है। इस लिहाज से हरियाणा का चुनाव अहम था। वहां 10 साल से भाजपा सत्ता में थी, उसके खिलाफ सत्ता विरोधी लहर भी थी। तभी तो भाजपा ने चुनाव से पहले अपना मुख्यमंत्री चेहरा बदला था और उसके सहयोगी जेजेपी ने उसका साथ छोड़ दिया था।

कांग्रेस के लिए जीत का मौका उपयुक्त था। फिर, लोकसभा चुनाव में भी वहां कांग्रेस ने आधी सीटें जीती थीं और उसे भाजपा से ज्यादा वोट मिले थे। लेकिन कांग्रेस की अपनी चूक उसे एक बार फिर सत्ता से दूर ले गई।

अति आत्मविश्वास बड़ी वजह

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो हरियाणा में कांग्रेस को अति आत्मविश्वास, सभी वर्गों को साथ लेकर नहीं चलना, भूपेन्द्र हुड्डा पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता ले डूबी। रही-सही कसर आप से गठबंधन नहीं होने, मुख्यमंत्री के बढ़ते दावेदारों एवं सैलजा की नाराजगी ने पूरी कर दी। कश्मीर घाटी में हालांकि नेकां-कांग्रेस गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सरकार बनने पर कांग्रेस उसमें हिस्सेदार भी बनेगी लेकिन देखा जाए तो वहां सत्ता हासिल करने का श्रेय नेशनल कांफ्रेंस को ही जाता है। यह जरूर है कि नेकां के साथ गठबंधन का कांग्रेस का फैसला सही रहा।

हरियाणा के नतीजे कांग्रेस के लिए सबक

हरियाणा के चुनाव नतीजे कांग्रेस को कई सबक भी देते हैं। जैसे, अभी गठबंधन के साथ आगे बढ़ना उसके लिए ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। चुनावी रणनीति किसी एक वर्ग के बजाय एक से अधिक वर्गों पर केंद्रित होनी चाहिए ताकि सफलता की संभावनाएं व्यापक हो सकें। साथ ही प्रादेशिक नेताओं को पार्टी पर हावी होने से भी रोकना होगा।

नतीजों का मनोवैज्ञानिक असर आगे भी राजनीतिक दलों पर होगा जिससे आगामी चुनावों की रणनीति पर भी असर पड़ेगा। अब महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव होने हैं। भाजपा इन चुनावों में भी लीक से हटकर रणनीति बनाने के लिए प्रेरित होगी और उसमें सफल होने की कोशिश भी करेगी। दूसरी तरफ इंडिया खेमे में झारखंड और महाराष्ट्र में दोनों राज्यों में हालांकि क्षेत्रीय दल ज्यादा प्रभावी हैं, इसलिए कांग्रेस के पास उनके अनुसार ही आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।

भाजपा के नारे अभी भी असरदार

हरियाणा हो या कश्मीर, इन चुनावों में अकेले मैदान में उतरे या छोटे दलों के आपस में बने गठबंधन कारगर नहीं रहे। वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। हरियाणा में जेजेपी और आजाद पार्टी, इनेलो-बसपा, उधर कश्मीर में अपने दम पर उतरी पीडीपी को निराशा हाथ लगी। यानी हार जीत दो दलों या गठबंधनों के बीच ही केंद्रित दिखी। जबकि पिछली बार हरियाणा में मुकाबला त्रिकोणीय और कश्मीर में चौकोणीय था। यह भी एक नये रुझान को दर्शाता है।

दोनों राज्यों में भाजपा के प्रदर्शन से यह भी संकेत मिलते हैं कि उसके जो मुख्य चुनाव नारे हैं जैसे हिन्दुत्व, डबल इंजन की सरकार, राष्ट्रवाद आदि, वे जनता में अभी भी असरदार हैं। साथ ही दलितों, ओबीसी के बीच भी उसकी पैठ कायम है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Terrorist

भारत में आतंक अपराध की घटनाएं कम हुईं : रिपोर्ट

September 29, 2023
PM modi

महागठबंधन की बिसात और मोदी की सियासी लकीर – केंद्र में कर्पूरी ठाकुर क्यों ?

October 24, 2025
CSIR-IHBT

CSIR-IHBT में हुआ 82वें सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह का आयोजन

November 7, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सोना-चांदी खरीदने वालों की लगी लॉटरी, गोल्ड 2800 रुपए तो सिल्वर हुआ इतना सस्ता
  • निर्जला एकादशी पर बन रहा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन राशियों की होगी बल्ले-बल्ले
  • हरिद्वार : 13 करोड़ की जमीन 54 करोड़ में खरीदी…कैसे 2 IAS अफसरों ने रचा पूरा खेल?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.