लखनऊ: योगी के राज में अब अगर कोई मंदिरों पर गलत नजर रखेगा तो उसे तीसरी आंख तुरंत पकड़ लेगी. उसकी करतूतों को तुरंत टेथर्ड ड्रोन देख लेगा. जिसके बाद यूपी की पुलिस उसे बख्शेगी नहीं. दरअसल यूपी पुलिस ने टेथर्ड ड्रोन की खरीदारी के लिए प्रस्ताव दिया था. जिसे यूपी होम मिनिस्ट्री से मंजूरी मिल गई है. यूपी में मंदिरों की सुरक्षा और मजबूत की जा रही है. आइये आपको इस योजना और टेथर्ड ड्रोन के बारे में सबकुछ बताते हैं.
काशी, मथुरा और अयोध्या की सुरक्षा अब आसमान से भी
योगी राज में पुलिसिंग की मिसाल पूरे देश में दी जाती है. उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों में सुरक्षा का मॉडल देश के कई राज्यों में लागू किया गया है. लेकिन अब काशी, मथुरा और राम की नगरी अयोध्या की सुरक्षा केवल जमीन से ही नहीं बल्कि अब इन धार्मिक स्थलों की निगरानी आसमान से भी की जाएगी.
यूपी पुलिस को मिलेंगे 9 टेथर्ड ड्रोन
काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या राम मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, वृंदावन और मथुरा का बृज क्षेत्र दुनिया के करोडों सनातनियों की आस्था का गढ़ है. इसके साथ ही महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन की भी जिम्मेदारी होती है. यही वजह है कि अब योगी सरकार ने यूपी पुलिस के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है. जिसके तहत यूपी पुलिस 9 टेथर्ड ड्रोन खरीदने जा रही है. जिसके लिए गृह मंत्रालय ने 4.61 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है.
एक टेथर्ड ड्रोन की कीमत 51.33 लाख रुपए
गृह विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक एक टेथर्ड ड्रोन की कीमत 51.33 लाख रुपए प्रस्तावित की गई है. इन ड्रोन के जरिए प्रयागराज महाकुंभ मेला के साथ-साथ अयोध्या में राम मंदिर, गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और ताजमहल की सुरक्षा की जाएगी. इसके साथ ही इन जगहों को एंटी ड्रोन सिग्नल से लैस किया जाएगा.
योगी सरकार के फैसले का स्वागत
दरअसल उत्तर प्रदेश में ताजमहल के साथ-साथ तकरीबन सभी धार्मिक स्थल आतंकियों के निशाने पर रहते हैं. इन जगहों पर लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. जिस वजह से सुरक्षा व्यवस्था यहां एक बड़ी चुनौती होती है. लेकिन अब योगी सरकार के फैसले को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है. राम की नगरी अयोध्या में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था काफी दुरुस्त है. लेकिन बावजूद इसके स्थानीय पुजारी और साधु संत मानते हैं कि अयोध्या को लेकर लगातार धमकियां मिलती हैं और यही वजह है कि साधु संत सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं.
ड्रोन करेंगे महाकुंभ की निगरानी
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि योगी सरकार ने ना सिर्फ यहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्था की है. बल्कि सुरक्षा को लेकर भी कोई लूपहोल नहीं छोड़ा गया है. लेकिन खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने अब ड्रोन से इन इलाकों की निगरानी का फैसला लिया है, जिसे लेकर संत समाज उत्साहित है. उत्तर प्रदेश सरकार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती महाकुंभ के आयोजन की है.
होगा फुलप्रूफ सुरक्षा का इंतजाम
महाकुंभ को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सुरक्षा पर चिंता जताई है. इसमें दुनिया के हालात का हवाला देते हुए फुलप्रूफ सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की गई है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का कहना है कि महाकुंभ मेले के दौरान आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सकता है. क्योंकि इजराइल में जो हालात है उससे पूरी दुनिया में असुरक्षा का माहौल है. साधु संतों की इस चिंता को देखते हुए योगी सरकार ने सभी संवेदनशील जगहों पर टेथर्ड ड्रोन प्लांट करने के फैसले पर मुहर लगा दी है. ताकि किसी भी तरह के नापाक इरादों को समय रहते नाकाम किया जा सके.
अब आपको टेथर्ड ड्रोन के बारे में बताते हैं और इसकी खासियतों से आपका वास्ता कराते हैं..
1.टेथर्ड ड्रोन का इस्तेमाल सेना बॉर्डर की निगरानी के लिए करती है. ताकी दुश्मन को दूर से ही देख लिया जाए.
2.खास बात ये है कि ये ड्रोन आसमान से करीब ढाई किलोमीटर की रेंज की निगरानी कर सकते हैं.
3.बैटरी के बजाय इसे जेनसेट से तार या केबल के जरिए जोड़ा जाता है. यानी इसका कंट्रोल पूरी तरह पुलिस के पास रहेगा.
4.ये इतना मजबूत है कि क्रैश या हैक होने की आशंका इसमें ना के बराबर है.
5.साथ ही बेसिक ट्रेनिंग देकर पुलिसकर्मी इन्हें आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं.







