नई दिल्ली: सर्दियों के आते ही देश की राजधानी दिल्ली की हवा दिल्लीवासियों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है. पिछले कई दिनों से यहां पर औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है.जिसकी वजह से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है. गुरुवार को भी दिल्ली का औसत AQI 362 दर्ज किया गया.केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह 5:15 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 362 दर्ज किया गया, जो कि बेहद की खराब श्रेणी में आता है. इसके अलावा दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच में दर्ज किया गया.
इन 8 जगहों पर AQI 400 के पार
दिल्ली के आठ इलाकों में AQI लेवल 400 के ऊपर बना हुआ है, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में है. इसमें आनंद विहार में 422, अशोक विहार में 416, बवाना में 407, जहांगीरपुरी में 431, मुंडका में 421, रोहिणी में 403, विवेक विहार में 407, वजीरपुर में 428 एक्यूआई दर्ज किया गया. जबकि एनसीआर की बात करें तो फरीदाबाद में 252, गुरुग्राम में 313 गाजियाबाद में 303 ग्रेटर नोएडा में 273 और नोएडा में 271 एक्यूआई रहा.
क्या होता है AQI
AQI के जरिए हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), ओजोन, PM 2.5 और पीएम 10 पॉल्यूटेंट्स वगैरह को देखा जाता है. ये पॉल्यूटेंट्स हवा में जितने ज्यादा होंगे, हवा उतनी ही जहरीली होगी. इनमें भी PM 2.5 को बेहद खतरनाक माना जाता है. ये अतिसूक्ष्म कण होते हैं जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या इससे कम होता है. PM 2.5 कोयले को जलाने, पराली जलाने, औद्योगिक ईकाइयों से उत्सर्जन, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं आदि तमाम इसके कारण हो सकते हैं.
AQI के हैं 6 मानक
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के छह मानक होते हैं, जो ये बताते हैं कि शहर की हवा सांस लेने योग्य है या नहीं. ये छह मानक हैं- अच्छी, संतोषजनक,सामान्य, खराब, बहुत खराब और गंभीर जैसी कैटेगरी शामिल हैं. 0-50 के बीच ‘अच्छी’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच अगर AQI पहुंच जाए तो इसे ‘गंभीर’ माना जाता है. ऐसे में आप ये अंदाजा तो लगा ही सकते हैं कि पाकिस्तान के लाहौर के हालात कितने खतरनाक स्तर पर पहुंच गए हैं.







