गंगटोक : सिक्किम में एक अभूतपूर्व राजनीतिक दृश्य सामने आया है। यहां पर सिक्किम में मुख्य विपक्षी दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) खत्म हो गया है। अब स्थिति यह है कि सिक्किम विधानसभा बिना विपक्ष की हो गई है। दरअसल सिक्किम उपचुनाव में विपक्ष एसडीएफ उम्मीदवारों प्रेम बहादुर भंडारी और डेनियल राय ने सोरेंग-चाकुंग और नामची-सिंघीथांग विधानसभा क्षेत्रों से अपना नामांकन वापस ले लिया। 13 नवंबर को इन दिनों सीटों पर उपचुनाव होने थे। नामांकन की जांच के दौरान, सिटिज़न एक्शन पार्टी सिक्किम के दोनों उम्मीदवारों को भी अयोग्य घोषित कर दिया गया। ऐसे में एसकेएम के प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए हैं। देश में यह पहली बार है, जब कोई विधानसभा विपक्षवीहन है।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के उम्मीदवार आदित्य गोले और सतीश चंद्र राय के निर्विरोध जीतने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाली एसकेएम के पास अब राज्य विधानसभा में 32 विधायक होंगे, जिससे विधानसभा में विपक्ष नहीं रहेगा।
इस तरह अयोग्य हुए प्रत्याशी
चुनाव विभाग के सूत्रों ने बताया कि सीएपी सिक्किम ने महेश राय को नामची-सिंघीथांग और पोबिन हंग सुब्बा को सोरेंग-चाकुंग निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारा था। दोनों उम्मीदवारों को जांच प्रक्रिया के दौरान प्रस्तावकों की अपेक्षित संख्या में कमी के कारण खारिज कर दिया गया। पोबिन हंग सुब्बा को भी अधूरे हलफनामे प्रस्तुत करने के कारण अयोग्य घोषित किया गया।
सीएपी ने लगाया षडयंत्र का आरोप
CAP ने अपने उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने की निंदा करते हुए इसे षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र के सार पर हमला है और एक बार फिर SKM की तानाशाही प्रवृत्ति को प्रदर्शित करती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी उपेक्षा को दर्शाती है।
‘सिक्किम उपचुनाव में हेरफेर’
सीएपी ने कहा कि SKM के गुमराह नेतृत्व ने अनैतिक और असंवैधानिक उपायों का सहारा लिया है, अपने हितों के लिए भारत के चुनाव आयोग पर दबाव डाला है ताकि लोगों के वास्तविक प्रतिनिधियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा जा सके। यह स्पष्ट है कि नामची-सिंघीथांग और सोरेंग-चाकुंग निर्वाचन क्षेत्रों में हार के डर से, SKM ने लोगों की आवाज़ को दबाने का काम किया। सीएपी ने एसकेएम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हेरफेर करने का भी आरोप लगाया।
हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सीएपी
सीएपी ने घोषणा की कि वह इस अराजकता के खिलाफ कानूनी लड़ाई में शामिल होने के लिए तैयार है और अपने लोगों के अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास करेगी। आज का दिन लोकतांत्रिक सिक्किम के लिए सबसे काला दिन है, और सभी सिक्किमवासियों से लोकतंत्र के लिए दृढ़ रहने और एसकेएम की सत्तावादी कार्रवाइयों को उजागर करने का आह्वान किया।







