Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

यूक्रेन युद्ध लंबा खींच गच्चा खा गए पुतिन, अब छोटे देशों से मांग रहे मदद

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 14, 2024
in विश्व
A A
Russia Ukraine War
12
SHARES
384
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। यूक्रेन-रूस युद्ध को अब करीब तीन साल होने को हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार हमले जारी रखे हुए हैं। रूस पर इस युद्ध को लंबा खींचने के आरोप लगते रहे हैं। इस बीच रूसी मीडिया की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रूस का विमानन उद्योग एक बड़े और आसन्न संकट में फंसता जा रहा है। रूसी दैनिक इजवेस्टिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की 30 एयरलाइन कंपनियां दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ये 30 कंपनियां कुल मिलाकर समेकित रूप से घरेलू यात्री यातायात का 25 फीसदी भार वहन करती हैं लेकिन बढ़ते वित्तीय बोझ की वजह से अगले साल 2025 में दिवालिया हो सकती हैं।

दिवालियापन के मुंहाने खड़ी ये विमानन कंपनियां छोटे और मध्यम आकार की हैं, जिसने विदेशी विमानों को पट्टे पर ले रखा है। इस वजह से उन पर भारी कर्ज का बोझ है। यूक्रेन से युद्ध छिड़ने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है, जिसकी वजह से इन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 30 में से अधिकांश कंपनियों ने विमान पट्टे की किस्त अदायगी बंद कर दी है, जिससे उन पर कर्ज का बोझ और बढ़ गया है। हालांकि, राष्ट्रपति पुतिन ने इन कंपनियों को राहत देने के लिए कुछ कर्ज माफी की योजना बनाई है लेकिन उससे इन कंपनियों पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है।

इन्हें भी पढ़े

bpcl gas cylinder

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं

June 26, 2026
weapons

दुनिया को हथियार देने वाले टॉप-5 देश, क्या इजराइल इन्हें पीछे छोड़ पाएगा?

June 25, 2026
Amazon joins hands with PM Modi

अमेजन ने मिलाया पीएम मोदी से हाथ, भारत में अरबों का निवेश करेगी कंपनी

June 25, 2026
india-us trade deal

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर तेज हुई वार्ता!

June 22, 2026
Load More

25 फीसदी टैक्स का भी बोझ

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सरकार ने इन एयरलाइन कंपनियों के कर्ज को बट्टे खाते में डाला तो उस राशि पर उन्हें 25 फीसदी तक टैक्स देना होगा। इससे विमानन कंपनियों पर बोझ और बढ़ जाएगा। इनमें से अधिकांश कंपनियों ने बरमूडा, आयरलैंड और यूरोप में रजस्टर्ड विमानों को पट्टे पर लिया था। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से इन विमानन कंपनियों को रखरखाव सेवाओं के लिए ईरान, तुर्की और चीन की कंपनियों पर निर्भर होना पड़ा है। इससे उनकी लागत और अधिक हो गई है।

विमानों के रख-रखाव ने किया बेदम

रिपोर्ट में कहा गया है कि A-320 एयरबस विमान के रखरखाव के लिए औसतन 80,000 से 1,25,000 अमेरिकी डॉलर का मासिक भुगतान करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रखरखाव लागत एयरलाइन कंपनियों को बेदम कर रहा है। बता दें कि यूक्रेन से जंग छिड़ने के बाद मार्च 2022 में एयरबस और बोइंग जैसी पश्चिमी विमान निर्माता कंपनियों ने विमानों के कल पुर्जे की सप्लाई और अन्य सहायता रोक रखी है। रूस ने इन घाटों से उबरने के लिए विमानन सेक्टर में 12 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, बावजूद संकट नहीं टल सका है।

उड़ानें करनी पड़ रहीं रद्द, पायलट छोड़ रहे नौकरी

आर्थिक संकट की वजह से पायलट से लेकर अन्य स्टाफ ने काम छोड़ दिया है। इससे विमानों के परिचालन पर बुरा असर पड़ा है। स्टाफ की कमी की वजह से जुलाई में ही शेरेमेत्येवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 68 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रूस इस संकट से उबरने के लिए पड़ोसी छोटे टेशों से मदद मांग रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान समेत अन्य मध्य एशियाई देशों से बातचीत कर रहा है ताकि उसे घरेलू उड़ानों को संचालित करने में सुविधा हो सके। रूसी परिवगन मंत्री ने इसकी पुष्टि की है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

चर्चिल के ब्रिटेन में ऋषि सुनक का क्या काम?

August 1, 2022

‘हम मोदी को 400 फीट के अंदर गाड़ देंगे’ : नजरूल इस्लाम

April 17, 2024

महा विकास अघाड़ी का क्या होगा

July 5, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • मिडिल ईस्ट में तनाव कम होते ही भारत को राहत, कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी सभी पाबंदियां हटाई गईं
  • राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी मामले में पहली बड़ी कार्रवाई, 8 लोगों पर FIR दर्ज
  • केतन हत्याकांड: मंगेतर सिया और कथित प्रेमी चेतन आमने-सामने, जांच में नया मोड़!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.