प्रकाश मेहरा
नई दिल्ली (स्पेशल डेस्क)। मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव में कमी आने का सकारात्मक असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार ने कमर्शियल पैक्ड एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगाई गई सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियों को हटा दिया है। इसके साथ ही होटलों, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पहले की तरह सामान्य आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित व्यवधान की आशंका के चलते भारत सहित कई देशों ने एहतियाती कदम उठाए थे। इसी के मद्देनजर देश में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को नियंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तक गैस पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कुछ अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से मिली राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा समुद्री व्यापार मार्गों के सुरक्षित रहने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस परिवहन होता है, अब सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। इससे एलपीजी और अन्य ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई चेन पर मंडरा रहा संकट काफी हद तक टल गया है।
होटल और व्यापारिक क्षेत्र को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से होटल उद्योग, रेस्तरां व्यवसाय, कैटरिंग सेवाएं और छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। पिछले कुछ समय से सीमित आपूर्ति के कारण कई कारोबारियों को अतिरिक्त खर्च और संचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। अब सामान्य आपूर्ति बहाल होने से व्यवसायिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की नजर
ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि भविष्य में किसी प्रकार का नया संकट उत्पन्न होता है तो ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल देश में एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बाजार में सकारात्मक संकेत
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर भी दबाव घटा है। इससे आने वाले समय में ऊर्जा आयात पर खर्च कम हो सकता है, जिसका लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात सुधरने के बाद भारत सरकार द्वारा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर लगी पाबंदियां हटाने का फैसला राहत भरा माना जा रहा है। इससे ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होगी और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों को संचालन में आसानी मिलेगी।







