नई दिल्ली: वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सफलता के बाद, भारतीय रेलवे अब वंदे भारत पार्सल सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। यह ट्रेन विशेष रूप से छोटे, लेकिन मूल्यवान और नाजुक सामानों के ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) के लिए होगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ये तेज और सुगम ट्रेनें उन रूट्स पर चलाई जाएंगी, जहां मोबाइल फोन जैसे उच्च मूल्य के सामान और गुलाब व ऑर्किड जैसे महंगे निर्यातीय उत्पादों का परिवहन होता है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इन ट्रेनों की डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह डिजाइन वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा लेकिन इसे विशेष रूप से पार्सल मूवमेंट के लिए तैयार किया जाएगा।
तेज डिलीवरी के लिए नई रणनीति
अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों की लागत और आरामदायक डिजाइन पारंपरिक रेलवे रेक की तुलना में अधिक एडवांस है। इसलिए, पार्सल मूवमेंट के लिए एक हाई वैल्यू वाला प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ये ट्रेनें ऐसे रूट्स पर चलेंगी जिन्हें 12-24 घंटों के भीतर कवर किया जा सके ताकि उत्पादों की तेज डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
वंदे भारत ट्रेनों की विस्तृत योजनाएं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि भारतीय रेलवे नेटवर्क पर इस समय 136 से अधिक वंदे भारत ट्रेन सेवाएं संचालित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत चेयर कार रेक्स के निर्माण का कार्य प्रगति पर है और लंबी व मध्यम दूरी के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की भी योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें निर्माणाधीन हैं और रेलवे के पास 50 और स्लीपर रेक्स का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक्स के निर्माण के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी दिए जा चुके हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में आधुनिकता
रेल मंत्री ने पूरे देश में इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम (ITMS) लागू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और सुरक्षा में सुधार करना है। ITMS की नई सुविधाओं में संपर्करहित लेजर सेंसर, हाई-स्पीड कैमरे, और 3डी मैपिंग के लिए लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक शामिल है। इसके माध्यम से रेलवे ट्रैक की जियोमेट्री और अलाइनमेंट की स्थिति का आकलन बेहतर तरीके से किया जाएगा। इस पहल से ट्रैकमैन के कार्य करने की स्थितियों में सुधार और ट्रैक रखरखाव में उन्नति होगी। भारतीय रेलवे की यह नई योजना देश में तेज और सुरक्षित पार्सल सेवा की आवश्यकता को पूरा करेगी। साथ ही, आधुनिक तकनीक के साथ रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को नए स्तर पर ले जाएगी।







