नोएडा: नोएडा के नए सेक्टर और न्यू नोएडा (DNGIR) के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. नोएडा प्राधिकरण ने किसानों की सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण करने के लिए सलाहकार कंपनी ‘टीला’ को नियुक्त किया है. हाल ही में कंपनी के सलाहकारों और प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई.
प्रक्रिया के तहत सबसे पहले सेक्टर-161 में जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों से बातचीत की जाएगी. इसके बाद न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू होगा. न्यू नोएडा को करीब 209 वर्ग किमी क्षेत्रफल में बसाने की योजना है. अधिग्रहण की शुरुआत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के पास स्थित गांवों से की जाएगी. इनमें जोखाबाद और सांवली जैसे गांव शामिल हैं. इन गांवों में अस्थाई कार्यालय भी स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों और अधिकारियों के बीच सहमति बनाई जाएगी.
80 गांवों की जमीन पर बसेगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा परियोजना के तहत 80 गांवों की जमीन पर शहर को बसाने की योजना है. पहले चरण में 15 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाएगी, जिसमें 3,165 हेक्टेयर भूमि शामिल है. कुल चार चरणों में मास्टर प्लान को 2041 तक पूरा किया जाएगा. अगले चरणों में 2027 से 2032 तक 3,798 हेक्टेयर, 2032 से 2037 तक 5,908 हेक्टेयर और 2037 से 2041 तक 8,230 हेक्टेयर जमीन विकसित की जाएगी.
40 प्रतिशत जमीन औद्योगिक विकास के लिए
न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041 के अनुसार, इस क्षेत्र में 40% जमीन औद्योगिक विकास के लिए, 13% हाउसिंग के लिए और 18% ग्रीन एरिया और मनोरंजक गतिविधियों के लिए आरक्षित की जाएगी. गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों को मिलाकर बनाए जा रहे इस शहर की अनुमानित जनसंख्या लगभग 6 लाख होगी.
किसानों से सहमति पर जोर
प्राधिकरण और ‘टीला’ कंपनी के अधिकारी लगातार किसानों से बातचीत कर रहे हैं ताकि उनकी सहमति से भूमि अधिग्रहण किया जा सके. हर गांव में औसतन 200 किसान परिवारों से बातचीत की जाएगी. यह प्रक्रिया पारदर्शी और आपसी सहमति के आधार पर होगी. न्यू नोएडा परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक और आवासीय विकास को गति मिलेगी. यह शहर न केवल आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, बल्कि पर्यावरण और ग्रीन एरिया पर भी ध्यान केंद्रित करेगा.







