नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के कुछ देर बाद ही ट्रम्प ने एक साथ कई घोषणाएं कीं, जिसमें उन्होंने बर्थ राइट सिटिजनशिप (Birthright Citizenship) को खत्म करने की भी बात कही। ट्रम्प के इस फैसले से चारों ओर इस विषय पर चर्चा होने लगी कि इससे किसे फायदा मिलेगा और किसे नुकसान होगा।
हालांकि, अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इस पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी और इसे असंवैधानिक बात दिया। फेडरल जज जॉन कफनौर ने कहा कि ट्रम्प का आदेश “संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है”, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि “संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे सभी व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार है।”
जज कफनौर ने यह भी कहा कि बर्थ राइट सिटिजनशिप को समाप्त करने से संविधान के उस हिस्से की मूल भावना पर चोट पहुंचेगी, जिसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को अमेरिकी नागरिकता से वंचित नहीं करना था। इसके अलावा, अदालत ने यह भी माना कि ट्रम्प का फैसला कानून से बाहर था और इसे बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के लागू नहीं किया जा सकता था। फेडरल कोर्ट का यह निर्णय यह साबित करता है कि न्यायपालिका अमेरिकी संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बर्थ राइट सिटिजनशिप है क्या
बर्थ राइट सिटिजनशिप एक ऐसी कानूनी व्यवस्था है जिसके तहत एक व्यक्ति को उस देश की नागरिकता मिल जाती है, जहां वह जन्म लेता है। अमेरिका में यह 14वें संशोधन के तहत लागू 1868 में संविधान में जोड़ा गया था। इसके अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लेने वाले सभी व्यक्ति और उनके माता-पिता जो अमेरिका में रहते हैं, वे अमेरिकी नागरिक माने जाते हैं। यह नियम संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को आसानी से अमेरिकी नागरिकता देता है।
अमेरिका के संविधान में यह अमेरिकी गृह युद्ध के बाद अफ्रीकी-अमेरिकियों को नागरिक अधिकार देने के लिए लाया गया था। इसके बाद, यह कानून उन सभी बच्चों के लिए लागू हुआ जो संयुक्त राज्य में पैदा होते थे, चाहे उनके माता-पिता अमेरिका वैध प्रवासी हों या अवैध प्रवासी। यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को जन्म के आधार पर नागरिकता से वंचित न किया जाए।
कौन हैं लाभार्थी
अमेरिका में बर्थ राइट सिटिजनशिप से सबसे अधिक लाभ अवैध प्रवासियों को मिलता है। कोई ऐसा व्यक्ति, जिसके पास अमेरिका में रहने के लिए पर्याप्त कानूनी डॉक्यूमेंट नहीं हैं, अगर उनका बच्चा वहां जन्म लेता है, तो उसे अमेरिकी नागरिकता मिल जाती थी। ऐसे बच्चे भविष्य में अमेरिका में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य नागरिक अधिकारों का लाभ उठाते हैं। दक्षिण अमेरिकी देश, एशिया और अफ्रीका के देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए यह एक बड़ा जरिया है अमेरिका की नागरिकता पाने का। इन देशों के ही अधिकतर लोग अमेरिका में बेहतर अवसरों की तलाश में आते थे।
भारत पर क्या पड़ता असर
अगर कभी भी अमेरिका बर्थ राइट सिटिजनशिप को खत्म किया जाएगा तो भारत इसके सबसे प्रभावित देशों में से एक होगा, क्योंकि भारतीय प्रवासी अमेरिका में बड़ी संख्या में हैं। भारत से आने वाले लोग अधिकतर लोग तकनीकी क्षेत्र में काम करने के लिए अमेरिका आते हैं। बर्थ राइट सिटिजनशिप के तहत, उनके बच्चे अमेरिकी नागरिक बन जाते थे, जिससे उन्हें शिक्षा और रोजगार के मामले में फायदा होता था। इससे भारतीय प्रवासियों के लिए अमेरिका में एक स्थायी ठिकाना स्थापित करना आसान हो जाता था।
इसके अलावा यदि यह भारत के उन नागरिकों को भी नुकसान होगा जो अवैध रूप से अमेरिका में निवास करते हैं। ट्रम्प का कहना था कि इस नियम का प्रवासी लोग दुरुपयोग करते हैं, क्योंकि कई लोग सिर्फ अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलवाने के लिए अवैध रूप से अमेरिका में रहने आते है।
अगर यह लागू हो जाता तो कई भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ा संकट बन सकता था, क्योंकि उनके बच्चों को जो अमेरिकी नागरिकता मिलती थी, वह अब संभव नहीं हो पाती। इसके अलावा इससे उन भारतीय प्रवासियों को भी दिक्कत होती जो अपने भविष्य और परिवार के स्थायित्व के लिए अमेरिका में अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। फिर भारतीय प्रवासियों को अपने बच्चों के नागरिकता के लिए अलग-अलग कानूनी लफड़ों से गुजरना पड़ता, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो सकता था।
अमेरिका को क्या नफा-नुकसान
ट्रम्प के फैसले से अमेरिका को क्या नुकसान हो सकता है? अगर बर्थ राइट सिटिजनशिप को खत्म कर दिया जाता, तो अमेरिका को कुछ फायदे तो होते लेकिन उसे कुछ नुकसान भी झेलना पड़ता। सबसे पहले, अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या में कमी आती, क्योंकि बर्थ राइट सिटिजनशिप की वजह से अवैध प्रवासियों को बहुत फायदा मिलता है। हालांकि, यह उस मजदूर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता था जो वहां कई उद्योगों में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसमें मुख्य रूप से कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्र है, जिसपर अधिक असर देखने को मिलता । अवैध प्रवासी के चलते इन उद्योगों में कम वेतन वाले कामों के लिए जरूरी माना जाता है। ऐसे में, यदि वे काम नहीं करते, तो अमेरिका में इन क्षेत्रों में कामकाजी संकट उत्पन्न हो सकता था।
दूसरा, इस फैसले से अमेरिका की विविधता और समावेशिता की छवि को प्रभावित हो सकती है। अमेरिका का इतिहास ही अलग-अलग जगहों से आए हुए लोगों से बना है। इस देश ने शुरू से ही में विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों को स्वागत किया है। बर्थ राइट सिटिजनशिप को समाप्त करने से यह मैसेज जा सकता था कि अमेरिका अब उन लोगों के लिए अब सही जगह नहीं है और फिर लोग किसी और देश की ओर संभावनाएं देख सकते है। यह अमेरिकी समाज में खंडन पैदा कर सकता था, जो एक समृद्ध और विविध राष्ट्र बनने की दिशा में नुकसानदायक हो सकता था।







