प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड केस में बांसुरी स्वराज और संदीप दीक्षित के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बांसुरी स्वराज, बीजेपी सांसद, ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को मात्र 50 लाख रुपये में यंग इंडिया लिमिटेड को ट्रांसफर किया गया, जिसमें गांधी परिवार का 76% मालिकाना हक है। उन्होंने इसे सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण बताते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को जरूरी ठहराया।
जवाब में, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी इस मामले में जल्दबाजी क्यों दिखा रही है? उन्होंने बांसुरी स्वराज के बयानों को राजनीतिक नौटंकी करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी इस केस को लेकर अनावश्यक हंगामा कर रही है ताकि कांग्रेस को बदनाम किया जा सके। दीक्षित ने यह भी कहा कि बीजेपी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है और यह केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
संपत्तियों का हस्तांतरण गैर-कानूनी तरीके से !
नेशनल हेराल्ड केस में ईडी ने यंग इंडिया लिमिटेड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्तियों की जांच शुरू की है। ईडी का दावा है कि नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़ी संपत्तियों का हस्तांतरण गैर-कानूनी तरीके से हुआ। इस मामले में सोनिया और राहुल गांधी से भी पूछताछ हो चुकी है। बीजेपी इस मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ बड़ा हथियार बनाकर पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है।
नेशनल हेराल्ड केस में किसने क्या कहा ?
नई दिल्ली बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि “नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को कौड़ियों के दाम पर ट्रांसफर किया गया। यंग इंडिया लिमिटेड, जो एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी है, में गांधी परिवार का नियंत्रण है। ईडी की चार्जशीट इस मामले में सत्ता के दुरुपयोग को उजागर करती है।”
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि “बीजेपी बेवजह जल्दबाजी में कार्रवाई कर रही है। यह मामला केवल कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश है। बीजेपी के पास कोई ठोस सबूत नहीं, सिर्फ राजनीतिक नाटक कर रही है।”
क्या है नेशनल हेराल्ड मामले की पृष्ठभूमि ?
नेशनल हेराल्ड मामला 2012 से चर्चा में है, जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर धोखाधड़ी और जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए एक निजी शिकायत दर्ज की थी। स्वामी ने दावा किया था कि यंग इंडिया नामक कंपनी के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 5,000 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा किया गया। आरोप है कि AJL ने कांग्रेस से 90.25 करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण लिया, जो कभी चुकाया नहीं गया। यह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी !
यह विवाद दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बाद और गर्माया है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। संदीप दीक्षित, जो नई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार थे, ने बीजेपी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ऐसे हथकंडों को समझ चुकी है। वहीं, बीजेपी कार्यकर्ता इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं।







