हरियाणा डेस्क/पंचकूला: पंचकूला, हरियाणा में 27 मई को एक दुखद घटना में देहरादून के मित्तल परिवार के सात लोगों ने कर्ज के बोझ तले दबकर कार में जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। मृतकों में प्रवीण मित्तल (परिवार के मुखिया), उनकी पत्नी, उनके बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चे शामिल हैं। यह परिवार पंचकूला में बागेश्वर धाम के हनुमंत कथा कार्यक्रम में शामिल होने आया था।
सुसाइड नोट और कर्ज
पुलिस को कार से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें प्रवीण मित्तल ने लिखा, “मैं बैंक से दिवालिया हो चुका हूं। मेरी वजह से ही ये सब कुछ हुआ है। मेरे ससुर को कुछ मत कहना।” नोट में वित्तीय संकट और भारी कर्ज को आत्महत्या का कारण बताया गया।
प्रवीण का क्या कारोबार ?
प्रवीण मित्तल टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय चलाते थे। उनके ममेरे भाई के अनुसार, उनके पास बद्दी में एक फैक्ट्री और दो फ्लैट भी थे। हालांकि, भारी कर्ज के कारण वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार ने पंचकूला में आयोजित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा में हिस्सा लिया था। इसके बाद, उन्होंने कार में जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना स्थानीय पुलिस और समुदाय के लिए स्तब्धकारी थी।
आर्थिक तंगी से आत्महत्या !
सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों से पता चलता है कि प्रवीण मित्तल का व्यवसाय घाटे में था, जिसके कारण परिवार पर भारी कर्ज था। यह आर्थिक तंगी इतनी गंभीर थी कि परिवार ने सामूहिक रूप से आत्महत्या का रास्ता चुना। मृतकों में प्रवीण, उनकी पत्नी, उनके माता-पिता और तीन बच्चे शामिल थे, जो सभी देहरादून के निवासी थे।
घटना आर्थिक संकट और मानसिक दबाव के गंभीर परिणामों को दर्शाती है। प्रवीण मित्तल और उनके परिवार की यह त्रासदी समाज में वित्तीय प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।







